किशोर कुमार हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उन सिंगर्स में से एक हैं जो अपनी धुन के पक्के माने जाते थे। अपनी गायिकी से वो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनकेे गानों को बैन कर दिया गया था। जी हां, 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लगा था तो इसके शिकार किशोर कुमार भी हुए थे।
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कहा जाता है कि किशोर कुमार अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करते थे, शायद इसी का नतीजा रहा कि उनके गानों को बैन कर दिया गया था। दरअसल, आपातकाल के दौरान कांग्रेस चाहती थी कि सरकारी योजनाओं की जानकारी किशोर कुमार अपनी आवाज में गाना गाकर दें। कांग्रेस को भी समझ आ गया था कि उन्हें एक ऐसे आवाज की जरूरत है जो उसकी बात आम जनता तक पहुंचा सके। इसके लिए उन्होंने किशोर कुमार से संपर्क किया।
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इंदिरा गांधी सरकार में उस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला थे। उन्होंने किशोर कुमार के पास संदेश भिजवाया कि वो इंदिरा गांधी के लिए गीत गाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकार की आवाज पहुंचे लेकिन किशोर कुमार ने गाना गाने से मना कर दिया। किशोर कुमार ने संदेश देने वाले से पूछा कि उन्हें ये गाना क्यों गाना चाहिए तो उसने कहा, क्योंकि वीसी शुक्ला ने ये आदेश दिया है।
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आदेश देने की बात सुनकर किशोर कुमार भड़क गए और उन्होंने उसे डांटते हुए मना कर दिया। यह बात कांग्रेस को इस कदर नागवार गुजरी कि उन्होंने किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए। यह बैन 3 मई 1976 से लेकर आपातकाल खत्म होने तक जारी रहा। किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर नहीं चलाए जाते थे।
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अपनी धुन के पक्के किशोर कुमार ने एक बार कहा था, 'कौन जाने वो क्यों आए लेकिन कोई भी मुझसे वो नहीं करा सकता जो मैं नहीं करना चाहता। मैं किसी दूसरे की इच्छा या हुकूम से नहीं गाता।' जो सरकार से भी पंगा ले ले वैसा कोई अपनी वसूलों का पक्का ही कर सकता है।