बॉलीवुड के अलबेले और सहाबहार गायक रहे किशोर कुमार का आज जन्मदिन है। 4 अगस्त 1929 को जन्मे हरफनमौला कलाकार भले ही शारीरिक रूप से अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी बेहतरीन आवाज और शानदार कलाकारी ने उन्हें आज भी फैंस के जहन में जिंदा रखा है। संगीत की विधिवत ट्रेनिंग लिए बिना भी किशोर कुमार ने अपनी आवाज का जादू बिखेरकर लोगों को इससे जोड़ा। खंडवा में जन्मे किशोर कुमार की स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार ने 1997 में ‘किशोर कुमार अवॉर्ड' की शुरुआत की। किशोर कुमार गायिकी और अभिनय के अलावा अपने मनमौजी व्यक्तित्व के लिए भी लोगों के बीच काफी चर्चित थे। उनके चुलबुलेपन से जुड़े कई किस्से प्रचलित हैं। तो चलिए आज किशोर दा के खास दिन पर उनके जीवन से जुड़े अहम पहलुओं पर गौर फरमा लेते हैं-
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किशोर कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुआ था। बचपन में उनका नाम आभास कुमार गांगुल था। आभास के पिता कुंजीलाला गांगुली उस वक्त के चर्चित वकील थे। किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार की इच्छा थी कि वह अभिनय में अपना दमखम दिखाए। भाई के सपने को पूरा करने के लिए किशोर ने अभिनय की दुनिया का रुख किया, लेकिन उनका मन कभी भी इसमें ज्यादा नहीं रमा। किशोर कुमार ने 22 फिल्में कीं, जिनमें से 16 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गईं। किशोर की इच्छा गायिकी में करियर बनाने की थी। अपने दिल की बात सुनते हुए किशोर ने एसडी बर्मन से मुलाकात की, बर्मन ने ही किशोर को अपना स्टाइल विकसित करने की सलाह दी थी। इसके बाद किशोर ने अमेरिकन सिंगर टेक्स मोर्टन और जिमी रोडर्स को सुनकर अपनी गायिकी की स्किल्स को मजबूत किया।
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किशोर कुमार
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किशोर कुमार को अपनी जन्मभूमि खंडवा से खासा लगाव था। कई दफा शूटिंग को बीच में छोड़कर ही किशोर अपने घर पहुंच जाते थे। इसके साथ उन्हें प्रकृति से भी बेहद प्रेम था। जानकारी है कि किशोर दा पौधों से घंटों बातें करते थे। उनका कहना था कि ये पेड़-पौधे मेरे असली मित्र हैं। किशोर कुमार के मनमौजी के कई किस्से प्रसिद्ध हैं। एक दफा आसा भोसले ने बताया था कि फिल्म 'शराबी' के गाने 'इंतहा हो गई इंतजार की' को गाने से किशोर दा ने इनकार कर दिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने शर्त रखा कि वह इसे एक शराबी की तरह ही लेटकर गाएंगे। फिर क्या था फटाफट से एक टेबल का जुगाड़ किया गया, और फिर उन्होंने लेटकर ही गाने को अपनी आवाज दी।
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किशोर कुमार
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किशोर कुमार लंबे वक्त तक राजेश खन्ना और देव आनंद समेत कई नामचीन सितारों की आवाज बने रहे। किशोर दा ने न सिर्फ हिंदी बल्कि कन्नड़, मलयालम, असमिया, गुजराती, मराठी और बंगाली भाषा में भी गीत गुनगुनाए। किशोर दा ने सबसे ज्यादा गाने राजेश खन्ना के लिए गाए, जिनकी संख्या 240 थी। प्लेबैक सिंगिंग के लिए किशोर कुमार ने आठ फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए। साथ ही उन्होंने तकरीबन 88 फिल्मों में अभिनय भी किया। रिपोर्ट के अनुसार, किशोर कुमार ने अपने करियर में 110 से ज्यादा संगीतकारों के साथ 2678 फिल्मों के लिए गाने गाए।
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किशोर कुमार
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किशोर कुमार से जुड़ा एक और किस्सा काफी चर्चित है। कहा जाता है कि गायक ने अपने घर के बाहर एक साइन बोर्ड लगाया हुआ था, जिसपर उन्होंने ‘बिवेयर ऑफ किशोर’ (किशोर से सावधान) लिखवाया था। इतना ही नहीं इसी से जुड़ा मजेदार किस्सा यह भी है कि एक दफा निर्माता-निर्देशक एचएस रवैल किशोर के घर पहुंचे थे, और जब वह मुलाकात कर बाहर निकलने लगे तो किशोर ने उनके हाथ पर काट लिया। निर्देशक ने इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि क्या आपको मेरे घर का साइन बोर्ड नहीं दिखा।