फिल्मकार कल्पना लाजमी का मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में रविवार की सुबह 4.30 बजे निधन हो गया। 64 वर्षीय कल्पना पिछले एक साल से किडनी के कैंसर से पीड़ित थीं। उनकी कुछ लोकप्रिय फिल्मों में ‘रूदाली’, ‘दमन’, ‘दरमियान’ शामिल हैं। कल्पना महिला प्रधान फिल्में बनाने के लिए जानी जाती थीं। आगे की स्लाइड में जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
कल्पना लाजमी पेंटर ललिता लाजमी की बेटी और गुरू दत्त की भतीजी थीं। उन्होंने निर्देशक श्याम बेनेगल के साथ बतौर एसिस्टेंट डायरेक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया। कल्पना ने श्याम बेनेगल की फिल्म 'भूमिका' में एसिस्टेंट कॉस्ट्यूम डिजाइनर थीं। साल 1986 में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी अभिनीत फिल्म 'एक पल' बनाई। उनकी यह पहली फिल्म थी।
इसके बाद कल्पना ने फिल्मों से एक लंबा ब्रेक लिया और साल 1988 में टीवी पर डेब्यू किया। उन्होंने अपना पहला टीवी सीरियल 'लोहित किनारे' डायरेक्ट किया। 1993 में कल्पना आजमी ने फिल्म 'रुदाली' से वापसी की। डिंपल कपाड़िया को इस फिल्म के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था।
1997 में उन्होंने किरण खेर और तब्बू की मुख्य भूमिकाओं से सजी फिल्म 'दरमियां: इन बिटविन बनाई'। साल 2001 में उन्होंने 'दमन: अ विक्टिम आॅफ मैरिटल वॉयलेंस' बनाई, जिसमें रवीना टंडन मुख्य भूमिका में थीं। कल्पना की आखिरी रिलीज फिल्म 2006 में आई 'चिंगारी' थी, जिसमें सुष्मिता सेना और मिथुन चक्रवर्ती नजर आए थे।
कल्पना काफी लंबेे समय तक असमी, हिंदी और बंगाली भाषा के गायक, गीतकार, लेखक और निर्देशक भूपेन हजारिका की मैनेजर रह चुकी हैं। उन्होंने भूपेन हजारिका पर एक किताब भी लिखी थी। जिसका नाम है ‘भूपेन हजारिका- एज आई न्यू हिम’ है। इस किताब का विमोचन निर्देशक श्याम बेनेगल ने किया था।