हिंदी सिनेमा में नायक और नायिका के बराबरी मेहनताने के मामले में भले ना हो पाई हो लेकिन किरदारों और कहानियों के मामले में अब मामला बराबरी तक आ पहुंचा है। कंगना रनौत, तापसी पन्नू, भूमि पेडनेकर और रानी मुखर्जी जैसी अभिनेत्रियों ने साल 2019 में अपने बूते फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर बेड़ा पार लगाया। अब बारी दीपिका पादुकोण की है।
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Rani Mukerji
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इस बारे में बात करने पर हिंदी सिनेमा की मर्दानी कहती हैं, 'लोगों को लगता है कि मैं यशराज फिल्म्स के बैनर के बाहर काम नहीं करना चाहती। लेकिन ऐसा नहीं है। मुझे बाहर से भी फिल्में मिल रही हैं लेकिन मैं हर फिल्म नहीं कर सकती। अच्छी पटकथा मुझे फिल्म करने के लिए उत्साहित करती है। दमदार पटकथा के साथ निर्माता मुझसे मिलें और कहानी की खासियत मुझे बताएं। बैनर चाहे कोई भी हो, अगर पटकथा मुझे पसंद आएगी तो मैं इसे कभी ठुकरा नहीं सकती। मैं भी एक कलाकार हूं। और कोई भी बंदिशें मुझे बांध नहीं सकतीं।'
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kajol
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हिंदी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में से एक काजोल का कहना है कि उनके लिए पैसा कभी महत्वपूर्ण रहा ही नहीं। पैसे को लेकर इंडस्ट्री में कलाकारों के बीच की ऊंच-नीच को लेकर वह कहती हैं, 'अगर हम काम अच्छा करेंगे, तो पैसा तो अपने आप ही आएगा। मैं कभी पैसे की बराबरी पर ध्यान भी नहीं देती। यह तो निर्माताओं की माली हालत पर निर्भर करता है। इंडस्ट्री में काफी बदलाव आए हैं, और निर्माता अब महिला केंद्रित फिल्मों पर पैसा लगाने से हिचकिचाते नहीं। अच्छी बात ये है, कि फिल्में भी अच्छी प्रतिक्रियाएं जुटाने में कामयाब हो रही हैं।'
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deepika padukone
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वहीं नंबर वन अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का मानना है पैसा ही सब कुछ नहीं है। वह कहती हैं, 'जरूरी नहीं है कि जिस फिल्म में मैं अपना पैसा लगाऊं उसमें कलाकार भी मैं ही रहूं। मैं पैसा अपने लिए नहीं बल्कि उस कहानी के संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए लगाती हूं।'