जॉनी वॉकर (Johnny Walker) को 50, 60 और 70 के दशक का सबसे बेस्ट कॉमेडियन माना जाता है। जॉनी वॉकर बेशक आज हमारे बीच नहीं हों लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोग उतनी ही उत्सुकता से देखते हैं। घर की हालत ठीक ना होने की वजह से बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी को छठी क्लास के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। जीहां यही था जॉनी का असली नाम।
जॉनी वॉकर गुरु दत्त की वजह से फिल्मों में आए। दोनों के बीच गहरी दोस्ती देखने को मिली। जॉनी वॉकर ने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब वह इन सबसे थक चुके थे। क्या आप जानते हैं अपने करियर में लगातार फिल्में करने वाले जॉनी वॉकर ने 1983 के बाद फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था।
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Johnny Walker
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ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता था की कॉमेडी का स्तर गिरता जा रहा है और लोग उनसे डबल मीनिंग डायलॉग वाले किरदार करवाना चाहते थे। जॉनी इन सबके खिलाफ थे। उन्हें ऐसा करना कतई मंजूर नहीं था। लंबे समय तक इंडस्ट्री से दूर रहे जॉनी वॉकर ने साल 1997 में आई कमल हासन की फिल्म ‘चाची 420’ से कमबैक किया।
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Johnny Walker
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फिल्म में उन्हें देखकर उनके फैंस बहुत खुश हुए। फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी चली। लेकिन जॉनी ये फिल्म करना नहीं चाहते थे। उन्होंने अपने दोस्त गुलजार और कमल हासन के जिद करने के बाद इस फिल्म में काम किया। इस फिल्म में उन्होंने एक शराबी मेक-अप आर्टिस्ट का रोल किया था।
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जॉनी ने एक इंटरव्यू में बताया था- चाची 420 करने का मुझे बहुत फायदा हुआ। लंबे समय से कोई फिल्म नहीं करने के कारण लोग उन्हें मरा हुआ समझकर भूल गए थे लेकिन इस फिल्म के बाद उन्हें ढेरों मैसेज, फोन कॉल्स, टेलीग्राम और खत आए। लोग एक ही सवाल पूछ रहे थे कि 'आप जिंदा हैं?' जिस पर जॉनी मुस्कुरा कर हां बोल देते थे।