फिल्मकार अनुराग बसु ने इरफान खान के साथ साल 2007 में फिल्म 'लाइफ इन अ मेट्रो' में काम किया था। अनुराग बसु साल 2004 में कैंसर से लड़ाई लड़कर बाहर निकले हैं। उन्हें इरफान से भी यही उम्मीद थी कि वह भी कैंसर को मात देकर वापसी करेंगे हालांकि दुर्भाग्यपूर्वक ऐसा नहीं हुआ। वह इरफान और उनकी पत्नी के साथ लगातार संपर्क में थे। इलाज को लेकर वह लगातार परामर्श दे रहे थे। अनुराग आखिरी समय में इरफान से नहीं मिल पाए जिसका उन्हें मलाल है।
2 of 6
Anurag Basu and Irrfan Khan
- फोटो : Mumbai, Amar Ujala
इस बारे में अनुराग बताते हैं, 'मैं उम्मीद कर रहा था कि वह इसे हरा कर वापसी कर लेंगे। मुझे इसकी आशा थी क्योंकि मैं यह कर चुका था। और उनपर इलाज असर दिखा रहा था इसलिए हमें उम्मीद बंध गई थी। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम मिल नहीं पाए। मेरी इरफान की पत्नी सुतापा से मुलाकात हुई थी जब उनका इलाज चल रहा था। वह एक बहुत ही लंबी लड़ाई थी। उन्होंने यह लड़ाई सभी से दूर अकेले लड़ी थी। जब इरफान के कैंसर का पता चला था तब उनकी पत्नी सुतापा ने मुझे कुछ जानकारी के लिए फोन किया था, जैसे की मेरा इलाज कैसे हुआ। मैं इरफान से मिल तो नहीं पाया लेकिन जब वह लंदन में थे तब मैं उनसे फोन के जरिए जुड़ा हुआ था। जब वह देश वापस आए तो दुर्भाग्यपूर्ण मैं उनसे नहीं मिल पाया।'
3 of 6
Irrfan Khan
- फोटो : amar ujala
अनुराग के अनुसार इंडस्ट्री में उनकी तरह कोई दूसरा कलाकार नहीं होने वाला है। इस बारे में उन्होंने बताया कि मैंने उनके साथ टीवी में कुछ बेहतरीन काम किया है। हालांकि लोगों को सिर्फ यही पता है कि हमने सिर्फ फिल्म 'लाइफ इन अ मेट्रो' में ही काम किया है। उन्होंने यहां से लेकर हॉलीवुड में अपना स्थान खुद बनाया है। कोई भी उनका वह स्थान वापस नहीं ले सकता है।'
4 of 6
life in a metro
- फोटो : social media
बासु ने बताया कि वह इरफान के साथ वह 'लाइफ इन अ मेट्रो' के सीक्वल को लेकर बातचीत कर रहे थे। हम उनका इंतजार कर रहे थे और फिल्म की शुरुआत के लिए रुके हुए थे। हमने फिल्म के विषय को लेकर बातचीत भी कर ली थी और उन्हें किरदार पसंद भी आया था। यह उनके डायग्नोसिस होने से एक महीने पहले की बात है।'
5 of 6
इरफान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
इरफान खान संग 'श्रीकांत' और 'स्पर्श' जैसे टीवी शोज में काम करने वाली अभिनेत्री मृणाल कुलकर्णी ने बताया, 'मैं पिछले कुछ सालों से कैंसर से जुड़ी संस्थाओं के साथ काम कर रही थी और फिर मुझे इरफान के बारे में पता चला। जब वह कैंसर से लड़ रहे थे तब भी हम आपस में जुड़े हुए थे। हालांकि उनका कैंसर दुर्लभ प्रकार का था इस वजह से मजबूत इरादों वाले होने के बावजूद वह इससे जीत नहीं पाए।