इस साल को अगर भारतीय सिनेमा के बेहतरीन सालों में गिना जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। देश की आजादी के 70 साल बाद फिल्म इंडस्ट्री को वो मौका मिला जिससे वो पूरी दुनिया में छा गई। ऐसा नहीं है कि इससे पहले हमारी फिल्में ने दुनिया को अपनी काबिलियत से रूबरू नहीं करवाया है। भारतीय फिल्में शुरू से ही विदेशों में पसंद की जाती हैं लेकिन इस साल पूरी दुनिया को भारत ने दो शानदार फिल्मों की सौगत दी। 'बाहुबली 2' और 'दंगल' ने न ही सिर्फ इंडस्ट्री को इंटरनेशनल लेवल पर ले गया बल्कि कमाई के मामले में भी अच्छी-अच्छी हॉलीवुड फिल्मों को टक्कर दी।
इसी साल आई 'बाहुबली 2' भारत के रीजनल सिनेमा से निकलकर भारत की सबसे बड़ी फिल्म बन गई। 'बाहुबली 2' के रिलीज वाले दिन से लेकर 50 दिन तक फिल्म के शो हाउसफुल गए। फिल्म को न केवल भारतीय दर्शकों का प्यार मिला, बल्कि विदेशों में भी इसकी खूब तारीफ हुई।
आमिर खान की 'दंगल' वैसे तो पिछले साल रिलीज हुई थी लेकिन कमाई के नए कीर्तिमान इसने इसी साल खड़े किए। आमिर खान ने फिल्म को 5 मई को चीन में रिलीज किया। रिलीज के बाद से 'दंगल' ने चीन में जो कमाई शुरू की है वो फिर 2000 करोड़ पार करने के बाद ही थमी है।
चीन में 'दंगल' के जबरदस्त हिट होने का कारण फिल्म का विषय था। एक चीनी न्यूजपेपर 'द हॉकिश ग्लोबल टाइम्स' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, वहां महिलाओं को ज्यादा छूट नहीं दी जाती है। लड़कियों पर पिता की मर्जी चलती है। 'दंगल' में भी पिता और बेटी की कहानी दिखाई गई है जो महिलाओं के दिल को छू रही है।
वहीं 'बाहुबली 2' में एसएस राजामौली ने दर्शकों को ऐसे सिनेमा से रूबरू करवाया जो उन्होंने इससे पहले नहीं देखा था। सिर्फ इस फिल्म के लिए दुनिया भर के बेहतरीन 33 वीएफएक्स स्टूडियोज ने 33 दिनों तक मेहनत की थी। साल 2015 में 'बाहुबली - द बिगनिंग' आई थी। इसके बाद दो साल के लंबे इंतजार के बाद जब राजामौली ने प्रभास, राणा दग्गुबती, अनुष्का शेट्टी, राम्या और नासिर को 'बाहुबली - द कंक्लूजन' में बड़े पर्दे पर उतारा तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।