साउथ सुपरस्टार कमल हासन अपने बयान पर कायम हैं, उन्होंने कहा है कि अगर सच बोलने वाले लोगों को जेलों में डालते रहोगे तो जेल कम पड़ जाएंगी। कमल ने कहा कि आतंकवाद अतिवाद से अलग है, अपनी विचारधारा को लेकर मैं दूसरों को उपदेश नहीं देता हूं।
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आपको बता दें कि फिल्म अभिनेता कमल हासन ने हाल ही में ‘आनंद विकतन’ नामक साप्ताहिक समाचार पत्र में अपने नियमित कॉलम में लिखा था कि हिंदू आतंकवाद नहीं है। गुजरे जमाने में हिंदू दक्षिणपंथी अन्य धार्मिक समूहों के साथ अपने विवादों पर सिर्फ बौद्धिक बहस किया करते थे, लेकिन जैसे ही यह तरीका नाकाम होने लगा, वे बाहुबल का सहारा लेने लगे और अब उन्होंने हिंसा का रास्ता अख्तियार कर लिया है।
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उनके इसी बयान पर बवाल मच गया। हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, ‘कमल हासन और उनके जैसे बाकी लोगों को गोली मार देना चाहिए या फिर फांसी पर लटका देना चाहिए, ताकि वे लोग कुछ सबक सीख सकें।
कोई भी व्यक्ति जो हिंदू धर्म से संबंध रखने वालों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करता है उसे तो इस पावन धरती पर रहने का कोई अधिकार ही नहीं होना चाहिए और अपशब्दों के बदले में मौत की सजा देनी चाहिए'।
वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने अभिनेता कमल हासन के खिलाफ हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से आहत करने वाली टिप्पणी के खिलाफ एक शिकायत पर शनिवार को सुनवाई करते हुए मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई अब 22 नवंबर को होगी।