ट्रेलर रिव्यू: हसीन दिलरुबा (फिल्म)
लेखक: कनिका ढिल्लों
कलाकार: तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी, हर्षवर्धन राणे और आदित्य श्रीवास्तव आदि।
निर्देशक: विनिल मैथ्यू
ओटीटी: नेटफ्लिक्स
रेटिंग: ***1/2
तापसी पन्नू की बहुत ही सहज सी आवाज में फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ का ट्रेलर शुरू होता है, ‘आपने दिनेश पंडित की किताब पढ़ी है? छोटे छोटे शहरों में ना बड़े बड़े कत्ल करा देते हैं पता ही नहीं चलता।’ और, फिर शुरू होती है भारतीय लुगदी साहित्य का जश्न मनाने वाली एक असली ‘हिंदी हार्टलैंड’ की कहानी। पिक्चर अभी बाकी है और ये सिर्फ ट्रेलर ही है लेकिन लेखक कनिका ढिल्लों और निर्देशक विनिल मैथ्यू ने मिलकर ट्रेलर के हिसाब से जो ताना बाना बुना है, उसमें अपने अभिनय से तापसी पन्नू ने बहुत लंबी लकीर खींच दी है। फिल्म का नाम ही तापसी के किरदार पर है और ये किरदार सुरेंद्र मोहन पाठक, वेद प्रकाश शर्मा, केशव पंडित जैसे एक लेखक दिनेश पंडित के उपन्यासों पर फिदा है।
2 of 5
हसीन दिलरुबा ट्रेलर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ एक ऐसी महिला की कहानी है जिसका दिल उपन्यासों में अटका है, दिमाग बहुत जगहों पर भटका है और झटका उसे लगा है अपने पति के कत्ल के इल्जाम में निशाने पर आने का। जैसी कहानियां वह कल तक उपन्यासों के पन्नों पर पढ़ी रही थी, वैसी ही एक कहानी का हिस्सा वह खुद बन चुकी है। खुर्राट पुलिस वाला सिर्फ सबूत मिलने के इंतजार में है, इरादा उसका इस महिला को जिंदगी भर जेल में सड़ा देने का है। लेकिन, कहानी का एक कोण और है। वह कहती भी है, ‘हर कहानी के ना बहुत से पहलू होते हैं, फर्क बस ये है कि कहानी सुना कौन रहा है।’
3 of 5
हसीन दिलरुबा ट्रेलर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
और, फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ की कहानी का ये पहलू है इसका तीसरा किरदार हर्ष वर्धन राणे। फिल्म ‘तैश’ के बाद हर्षवर्धन का नाम हिंदी सिनेमा के पहली कतार के सितारों में शामिल हो चुका है। उनकी कद काठी, चेहरा मोहरा और बोलने का लहजा व अंदाज सब लोगों को खूब भा रहा है। फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ का वही असली टीजर हैं। जैसे कि विक्रांत कहते भी हैं, फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ हंसी, फंसी, रिवेंज और रोमांस का बिल्कुल सही कॉकटेल है। हर दूसरे सीन में तीसरा सरप्राइज है और चौथे तक आते आते तो ये लगना लगता है कि भई जल्दी से 2 जुलाई आए और नेटफ्लिक्स पर ये फिल्म देखी जाए।
4 of 5
हसीन दिलरुबा ट्रेलर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तापसी पन्नू खुद बताती हैं कि फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ के इस किरदार के लिए वह पहली पसंद नहीं थीं। तापसी की शख्सीयत के कुछ पहलू ऐसे हैं जिनसे ज्यादातर दुनिया अनजान है। आइफा अवार्ड्स के बाद अमेरिका से भारत वापसी के दौरान एक ही प्लेन में घंटों के सफर के दौरान मैंने उनके कुछ रंग ऐसे भी देखे जिनके किसी फिल्मी किरदार में तब्दील होने का मुझे भी अरसे से इंतजार रहा। ‘हसीन दिलरुबा’ में तापसी के तेवर वैसे ही हैं। सर्द और सामने वाले का फ्यूज एकदम से उड़ा देने वाले।
5 of 5
हसीन दिलरुबा ट्रेलर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
लेकिन, जैसा कि मैंने पहले भी लिखा फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ का असली करंट हर्षवर्धन राणे हैं। फिल्म के निर्देशक विनिल मैथ्यू को अपनी गलतियां सुधारने का ये बड़ा मौका मिला है। आनंद एल राय ने इससे पहले कनिका ढिल्लों की कहानी पर तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप को लेकर ‘मनमर्जियां’ बनाई थी। इस बार उन्होंने कनिका की कहानी पर दांव अनुराग, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवाने के साथ ‘हंसी तो फंसी’ बना चुके विनिल पर लगाया है। ट्रेलर के हिसाब से दांव एकदम सही पड़ा है। ट्रेलर में तापसी पन्नू वाकई दिनेश पंडित की किसी अपराध कथा से निकली नायिका ही लगती हैं और उनके लटके झटके ऐसे हैं कि फिल्म को थिएटर में भी लगती तो ग़ज़ब की ओपनिंग मिलती।