संगीत में कुछ ऐसा जादू है, जिससे आप अपनी भावनाओं को जोड़ पाते हैं। मूड के हिसाब से आपको अलग-अलग गीत पसंद आते हैं। एक दौर ऐसा था, जब ज्यादातर गीत में बांसुरी के जरिए संगीत दिया जाता था। महज बांसुरी की धुन गाने को आत्मीयता से जोड़ देती थी। भले ही आज के समय में बांसुरी की धुन का इस्तेमाल कम हो गया है, लेकिन आज भी बांसुरी की धुन को तमाम लोगों के जरिए पसंद किया जाता है। यही कारण है कि पुराने गाने पर लोग आज भी झूमना पसंद करते हैं। साथ ही प्यार के हर पड़ाव पर इस संगीत से खुद को जुड़ा हुआ पाते हैं। आज बांसुरी की धुन को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले पद्मविभूषण हरिप्रसाद चौरसिया का 85वां जन्मदिन है। तो आइए इस बेहतरीन कलाकार और बांसुरी वादक के जन्मदिन पर इनके जीवन से जुड़े कुछ अहम और अनकहे पहलूओं पर प्रकाश डाल लेते हैं-
Hariprasad Chaurasia B'day: अनजान शख्स की बांसुरी ने बदली हरिप्रसाद की किस्मत, 13 की उम्र में ही किया कारनामा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुपाली रामा जायसवाल
Updated Sat, 01 Jul 2023 10:14 AM IST
सार
हरिप्रसाद चौरसिया ने महज 13 की उम्र में बांसुरी से संगीत की ऐसी धुन छेड़ी कि हर कोई उनका दीवाना हो गया। आगे चलकर हरि के इस टैलेंट को देश से लेकर विदेश तक में सराहा गया।
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