'जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला, हम ने तो जब कलियां मांगी तब काटों का हार मिला'
फिल्म 'प्यासा' का ये गाना खूब पसंद किया गया था। लेकिन इस गाने को सुनकर ऐसा लगता है जैसे अभिनेता, निर्देशक गुरु दत्त ने अपनी जिंदगी में मिले प्यार को मंजिल ना मिलने को इस गाने के जरिए बयां किया था। गुरु दत, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को अमरता दे दी। सिनेमा की पढ़ाई में आज भी गुरु दत्त की फिल्मों का जिक्र जरूर होता है। उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं। गुरु दत्त ने बेहद कम समय में अपने आप को सिनेमा जगत में स्थापित कर लिया था। उन्होंने अपने करियर में खूब नाम कमाया लेकिन उनकी निजी जिंदगी में काफी उथल-पुथल रही और जिसका बेहद दुखद अंत हुआ। आज हम आपको गुरु दत्त की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं।
जिन्हें हम गुरु दत्त के नाम से जानते हैं उनका पूरा नाम था वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण। गुरुदत्त फिल्मों से जुड़े हर क्षेत्र में अव्वल रहे। फिल्मों के लेखन से लेकर निर्देशन तक सब कुछ उन्होंने किया। इतना ही नहीं उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग भी की। लोगों ने उनकी एक्टिंग को खूब सराहा। असल जीवन में गुरु दत्त बेहद ही भावुक इंसान थे और उन्हें अपनी जिंदगी से काफी उम्मीदें थीं। जब वो उम्मीदें पूरी नहीं हुई तो उन्होंने अपनी जीवन लीला को खत्म करने का फैसला किया।
गुरु दत्त को दो बार प्यार मिला लेकिन दोनों ही बार उनका प्यार मुकम्मल नहीं हुआ। गुरु दत्त का पहला प्यार गीता रॉय थीं। जो एक जमाने में बड़ी गायिका हुआ करती थीं। गुरु दत्त की पहली फिल्म 'बाजी' के दौरान ही उनकी मुलाकात गीता से हुई थी। यही से दोनों के बीच प्यार हुआ था। 3 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने शादी रचाई। गुरु और गीता के तीन बच्चे भी हुए लेकिन शादी के सिर्फ चार साल बाद ही दोनों के बीच झगड़े होने लगे। दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। दोनों के रिश्ते में आई दरार की वजह अभिनेत्री वहीदा रहमान को माना जाता था और हर जगह इसी के चर्चे थे।
गुरु दत्त ने अभिनेत्री वहीदा रहमान को फिल्म 'सीआईडी' से लॉन्च किया था। गुरुदत्त की कई फिल्मों में वहीदा ने काम किया और कुछ फिल्मों में दोनों ने साथ में भी काम किया। इस दौरान गुरु दत्त वहीदा रहमान को चाहने लगे थे। उस वक्त वहीदा और गुरु के इश्क के चर्चे हर अखबार और मैगजीन में छाये हुए थे। लेकिन उनकी ये मोहब्बत भी मुकम्मल नहीं हो पाई।
तो वहीं गुरु और वहीदा के अफेयर की खबर सुनकर गीता अपने बच्चों को लेकर गुरु दत्त से अलग होकर दूसरे घर में जाकर रहने लगीं। जिसके बाद उन्होंने शराब, सिगरेट और नींद की गोली को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बना लिया। गुरु दत्त अकेले हो गए थे और वहीदा ने भी उनका साथ छोड़ दिया था। बच्चों से मिलने की तड़प और अकेलापन गुरु तो अंदर ही अंदर खा रहा था।