25वां आईफा अवॉर्ड्स जयपुर में चल रहा है। इस दौरान आज शुक्रवार शाम एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर हिंदी सिनेमा की मशहूर ऑस्कर विजेता फिल्म निर्माता और निर्देशक गुनीत मोंगा और अभिनेत्री माधुरी दीक्षित मौजूद रहीं। सिनेमा में महिलाओं के सफर की थीम पर आयोजित हुए इस कार्यक्रम में गुनीत मोंगा ने अपने संघर्ष की कहानी भी बयां की।
2 of 5
आईफा के कार्यक्रम में माधुरी दीक्षित और गुनीत मोंगा
- फोटो : IIFA
ऑस्कर अवॉर्ड जीतने पर जताई खुशी
कार्यक्रम के दौरान अपने ऑस्कर अवॉर्ड जीतने के बारे में बात करते हुए गुनीत मोंगा ने कहा, 'जब ऑस्कर मिला और मैं स्टेज पर गई तो सबसे पहला ख्याल मन में बस एक ही आया कि हे भगवान ये बहुत भारी है। वो चार किलो को ट्रॉफी बहुत भारी होती है। खुश हूं कि मेरी फिल्म द एलीफेंट व्हिस्पर को ऑस्कर मिला।'
3 of 5
आईफा के कार्यक्रम में माधुरी दीक्षित और गुनीत मोंगा
- फोटो : IIFA
कभी किराए के घर में रहती थीं गुनीत मोंगा
अपने संघर्ष के दिनों की कहानी सुनाते हुए गुनीत मोंगा ने कहा, 'हम दिल्ली में पांच हजार रुपये देकर किराए के घर में रहते थे, पर पता नहीं क्यों सपना था कि फिल्म बनानी है। प्रोड्यूसर बनकर अच्छी कहानियां लोगों तक पहुंचानी हैं।'
Madhuri Dixit: असल जिंदगी तो मैंने शादी के बाद जी है, 25वें आईफा अवॉर्ड में बोलीं माधुरी दीक्षित
4 of 5
आईफा के कार्यक्रम में माधुरी दीक्षित और गुनीत मोंगा
- फोटो : IIFA
इंडस्ट्री में करना पड़ा संघर्ष
गुनीत मोंगा के लिए सपने को सच करना आसान नहीं था, इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की, जिसका जिक्र उन्होंने आईफा अवॉर्ड्स के कार्यक्रम के दौरान किया। उन्होंने अपने करियर के बारे में बात करते हुए कहा, 'जिस चीज का मैंने सबसे ज्यादा बॉलीवुड में सामना किया वो ये था कि इतनी छोटी बच्ची को कैसे फिल्में दे देते हैं। मैं चाहे कितना अच्छा काम करूं लोगों को यकीन नहीं होता था। मैं बाल सफेद करके घूमा करती थी, ताकि लोग मुझे बढ़ा समझें और काम दें।'
Chhaava Collection: 500 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने के लिए तैयार 'छावा', 22वें दिन फिल्म ने पकड़ी रफ्ता
5 of 5
गुनीत मोंगा
- फोटो : Iffa
गुनीत ने इस मौके पर कहा, इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में महिलाएं अब लीड रोल में नजर आ रही हैं। कई बड़े प्रोडक्शन हाउस और ओटीटी पर भी महिलाएं फिल्मों में नजर आने से लेकर फिल्म बनाने तक जबरदस्त काम कर रही हैं। ऐसा पहले नहीं होता था पर अब यह होता देख बहुत खुशी होती है।