कैसेट किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार का 5 मई को जन्मदिन होता है। गुलशन कुमार अगर जिंदा होते तो अपना 64वां जन्मदिन मना रहे होते लेकिन कुछ लोगों को उनका सफलता रास नहीं आई और मंदिर से सामने उन्हें गोलियों से भून दिया गया। गुलशन कुमार की सफलता की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जिन हालातों में संघर्ष कर गुलशन कुमार ने सफलता की सीढ़ियों को छुआ, वह आज के दौर में किसी और के लिए सोच पाना भी मुश्किल है।
एक समय में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला शख्स बचपन में अपने पिता के साथ जूस की दुकान पर हाथ बंटाता था और यहीं से गुलशन का बिजनेस में इंट्रेस्ट हो गया और इस कमाई से उन्होंने कई अच्छे काम किए। गुलशन कुमार ने अपने धन का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करके एक मिसाल कायम की। उन्होंने वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की जो आज भी तीर्थयात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है।
80 के दशक में टी-सीरीज नाम की एक म्यूजिक कंपनी की नींव रखी गई। जो आगे चलकर देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी बनी। इसके पीछे गुलशन कुमार की ही मेहनत थी। सफलता के दौर में गुलशन कुमार पर चोरी का आरोप लगाया गया था। रेडिफ के अनुसार, उन्होंने लोकप्रिय साउंडट्रैक की कम लागत वाली प्रतियां बेचीं लेकिन जब इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आरोपों से इनकार कर दिया।
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गुलशन कुमार
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कहा जाता है उस दौर में जब एक कैसेट 25 से 30 रुपये में बिका करते थे, गुलशन कुमार अपने कैसेट को 15 से 17 रुपये में बेचते थे। गुलशन कुमार पूरी शिद्दत से म्यूजिक इंडस्ट्री के किंग बनना चाहते थे और किस्मत उनकी मदद कर रही थी। महज 10 साल में ही गुलशन कुमार ने टी सीरिज के बिजनेस को 350 मिलियन तक पहुंचाया था। उन्होंने कई गायकों को लॉन्च किया।
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गुलशन कुमार
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क्या आप जानते हैं साल 1992 में गुलशन कुमार भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले शख्स थे। इसी वजह से अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपए देने के लिए कहा। गुलशन कुमार ने उसकी बात से इनकार करते हुए कहा था कि इतने रुपए देकर वो वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे। उन दिनों D कंपनी का आतंक इंडस्ट्री में बढ़ रहा था। बाद में गुलशन कुमार की हत्या करा दी गई। उस वक्त गुलशन कुमार की मौत ने पूरे देश को हिला दिया।