मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर अभिनेता आमिर खान के भाई फैजल खान ने फिल्म निर्माता व निर्देशक करण जौहर को लेकर एक नया खुलासा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान फैजल ने बताया है कि आमिर के 50वें जन्मदिन की पार्टी के दौरान करण जौहर ने उन्हें अपमानित किया था। फैजल ने फिल्म इंडस्ट्री में वंशवाद और पक्षपात को लेकर चल रही बहस पर भी अपना उदाहरण देते हुए कहा है कि एक भीतरी होने का फायदा सिर्फ इतना है कि उन्हें शुरुआती अवस्था में काम मिल जाता है। बाद में उन्हें आगे बढ़ने के लिए हुनर की जरूरत होती ही है।
2 of 5
करण जौहर
- फोटो : file photo
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आत्महत्या मामले को तूल पकड़ने के बाद पैदा हुईं पक्षपात, वंशवाद, गुटबाजी जैसे मुद्दों पर बहस में सबसे ज्यादा करण जौहर को ही लपेटा गया है। हालांकि, यह बातचीत अभी बिल्कुल बंद नहीं हुई हैं, इसी दौरान फैजल खान ने भी अपने साथ घटी एक घटना का जिक्र किया है।
3 of 5
फैजल खान और आमिर खान
- फोटो : file photo
फैजल ने बताया है कि उनके भाई आमिर की 50वें जन्मदिन की पार्टी में करण जौहर ने उनके साथ अजीब बर्ताव किया। फैजल ने बताया कि वह किसी दूसरे इंसान से बात कर रहे थे लेकिन करण उन्हें उस इंसान से बात करने से रोक रहे थे। करण ने उस इंसान को फैजल के पास से हटाने की कोशिश की। इस तरह से करण ने उनकी बेइज्जती की। फैजल अपने भाई आमिर खान के साथ फिल्म 'मेला' में शंकर के किरदार में नजर आए हैं। उस समय यह फिल्म फ्लॉप रही।
4 of 5
फैजल खान और आमिर खान
- फोटो : file photo
फैजल ने फिल्में तो और भी की हैं लेकिन इससे ज्यादा नाम बाकी और किसी फिल्म में नहीं मिला। फैजल ने बताया कि उस फिल्म के बाद वह सोचते थे कि लोग उन्हें उनका काम देखते हुए ज्यादा काम देना शुरू कर देंगे। लेकिन, हुआ एकदम उसके उलट। लोगों ने उनको अपने ऑफिस तक में आने से मना कर दिया। फैजल ने बताया कि वह कुछ ऐसे वक्त से भी गुजरे हैं जब कई निर्माता और निर्देशक उनसे मिले तक नहीं।
5 of 5
फैजल खान
- फोटो : file photo
इसके अलावा फैजल ने वंशवाद पर अपनी राय देते हुए कहा कि इंडस्ट्री में शाहरुख खान, अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, यहां तक कि सुशांत सिंह राजपूत भी ऐसे अभिनेता रहे हैं जिन्होंने एक बाहरी होते हुए भी खूब नाम कमाया। भीतरी होने का फायदा सिर्फ इतना है कि किसी भी स्टार किड को शुरुआत में एक या दो फिल्मों में काम मिल जाता है। अगर किसी के पिता कोई बड़े निर्माता या निर्देशक हैं तो शायद दो-चार फिल्में और ज्यादा उन्हें मिल जाएंगी। लेकिन, उसके बाद हर कलाकार को खुद अपना हुनर ही आगे बढ़ाता है। इसमें थोड़ा बहुत किस्मत का भी साथ होना जरूरी है।