दिव्या भारती ने 15 साल की उम्र में सफलता की इबारतें लिख दी थीं । उन्हें अपनी फिल्म में लेने के लिए डायरेक्टर-प्रोड्यूसर की लाइन लगी रहती थी। दिव्या भारती का निधन 5 अप्रैल 1993 को हो गया था । उस वक्त दिव्या सिर्फ 19 साल की थीं । दिव्या अपनी मौत के साथ कई अनसुनलझे रहस्य छोड़ गईं ।
मौत वाले दिन ही दिव्या ने मुंबई में अपने लिए नया 4 बीएचके फ्लैट खरीदा था और डील फाइनल की थी। दिव्या ने ये खुशखबरी अपने भाई कुणाल को भी दी। दिव्या उसी दिन शूटिंग खत्म कर के चेन्नई से लौटी थीं। उनके पैर में भी चोट थी। रात के करीब 10 बजे होंगे जब मुंबई के पश्चिम अंधेरी, वर्सोवा में स्थित तुलसी अपार्टमेंट के पांचवें माले पर उनके घर में दोस्त और डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनसे मिलने आई हुई थीं।
तीनों लिविंग रूम में बैठे बातों में मस्त थे और ड्रिंक कर रहे थे । साथ ही दिव्या की नौकरानी अमृता भी बातचीत में हिस्सा ले रही थी। किसे पता था इसके चंद मिनटों बाद ऐसी दुर्घटना घट जाएगी। रात के करीब 11 बज रहे थे। अमृता किचन में कुछ काम करने गईं । नीता अपने पति के साथ टीवी देखने में व्यस्त थीं। इसी वक्त दिव्या कमरे की खिड़की की तरफ गईं और वहीं से तेज आवाज में अपनी नौकरानी से बातें कर रही थीं।
दिव्या के लिविंग रूम में कोई बालकनी नहीं थी । वहां इकलौती ऐसी खिड़की थी जिसमें ग्रिल नहीं थी। उसी खिड़की के नीचे पार्किंग की जगह थी जहां अकसर कई गाड़ियां खड़ी रहती थीं। उसी दिन वहां कोई गाड़ी नहीं खड़ी थी। खिड़की पर खड़ी दिव्या ने मुड़ कर सही से खड़े होने की कोशिश की तभी उनका पैर फिसल गया। दिव्या सीधे नीचे जमीन पर जाकर गिरीं।
पांचवे माले से गिरने के कारण दिव्या पूरी तरह खून में लथपथ थीं। पांच साल तक छान-बीन करने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस वजह नहीं पता चली। नतीजतन, पुलिस ने रिपोर्ट में नशे में बालकनी से गिरने को ही कारण बताया। ये गुत्थी आजतक सुलझ नहीं पाई है कि दिव्या की मौत हत्या थी या आत्महत्या। अगर वे दुखी थीं तो अपने लिए घर क्यों खरीदा? दिव्या ऐसे बहुत से सवाल अपने पीछे छोड़ गईं ।