भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ हाल ही में हुए लोकसभा उपचुनाव में आजमगढ़ से सांसद चुने गए हैं। इस सीट से जीतने के बाद वह पहली बार अपने चुनावी क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचे। यहां उनके तेवर बिल्कुल अलग नजर आए। उनकी बातों से साफ पता चल रहा है कि वह अब अभिनेता से पूरी तरह नेता बन चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि अब गाना बजाना बंद करके वह सिर्फ विकास कार्यों पर ध्यान देंगे।
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जीत के बाद भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि लोकसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद आजमगढ़ पहुंचे सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। आजमगढ़ पहुंचकर दिनेश लाल यादव निरहुआ ने दावा किया, 'अब डेढ़ साल तक गाना बजाना बंद रहेगा, सिर्फ विकास होगा। जिले की सभी दस विधानसभाओं में विकास कार्य कराया जाएगा। इसके लिए वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी कर चुके हैं।
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दिनेश लाल यादव निरहुआ
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के विकास के अलावा निरहुआ ने दावा किया कि जल्द ही आजमगढ़ का नाम भी बदला जाएगा। इसे आजमगढ़ से आर्यमगढ़ कर दिया जाएगा। निरहुआ ने कहा कि आजमगढ़ का नाम बदलने से किसी को नाराज होने की जरूरत नहीं है। अगर हमारे घर कोई दूसरा आया और उसने हमारी नेम प्लेट हटा दी हो तो हम अपना नेम प्लेट लगाएंगे। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। निरहुआ ने कहा कि उन्होंने जीतने के बाद तुरंत सीएम योगी आदित्यानाथ से जनपद के विकास के संबंध में मुलाकात की। सीएम ने भरोसा दिलाया कि केवल आजमगढ़ की पांच ही नहीं, बल्कि दस विधानसभा सीटों पर रुके हुए विकास कार्यों की गति तेज होगी। इसके लिए उन्होने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं। इसलिए अब गाना बंद, केवल विकास का काम होगा और गाना डेढ़ साल बाद।
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निरहुआ
- फोटो : सोशल मीडिया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता से हमने डेढ़ वर्ष विकास के लिए मांगे थे। जीत के बाद जनता से किए गए वादे को पूरा करने व आजमगढ़ के विकास के लिए सीएम योगी आदित्यानाथ से मुलाकात की। इसके अलावा निरहुआ ने राजस्थान में हुई कन्हैयालाल की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि देश में कानून का राज है और कानून के हिसाब से उसे सजा दी जाती है। ऐसा करने वालों को इतनी कठोर सजा दी जानी चाहिए कि कोई ऐसा दोबारा करने की सोच भी न सके। उन्होंने आजमगढ़ से जीत के लिए जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ सीट का समीकरण इतना कठिन है कि यहां दुआ और आशीर्वाद से ही जीता जा सकता है। यह जीत आजमगढ़ की जनता और हमारे देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत और आर्शीवाद से मिली है।