म्यूजिक कंपनी टी सीरीज के संस्थापक दिवंगत गुलशन कुमार की शोहरत भारतीय संगीत जगत में ‘म्यूजिक मुगल’ के नाम से रही है। उनके बेटे भूषण कुमार अपने पिता की एक बायोपिक भी ‘मुगल’ के नाम से बनाने की बरसों से कोशिश कर रहे हैं। उनकी बेटी खुशाली कुमार फिल्म 'धोखा- राउंड द कॉर्नर' के जरिए बॉलीवुड में डेब्यू कर रही है। लेकिन क्या आपको पता है कि गुलशन कुमार भी कभी हिंदी फिल्मों में हीरो बनने ही आए थे। इसके लिए बाकायदा उन्होंने कोशिशें भी कीं। लेकिन, कामयाब नहीं हुए तो दिल्ली लौट गए। बाद में वह मुंबई आए तो उन्होंने अपने भाई कृष्ण कुमार को लेकर कई फिल्में बनाईं।
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धोखा राउंद डी कॉर्नर के टीजर का लॉन्च इवेंट
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म 'धोखा- राउंड द कॉर्नर' के टीजर लांच पर अपने पिता गुलशन कुमार को याद कर खुशाली कुमार काफी भावुक नजर आई। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी से फैशन डिजाइनर का कोर्स करने के बाद साल 2015 में म्यूजिक वीडियो 'मैनू इश्क दा' में उन्होंने काम किया। अपने पिता गुलशन कुमार के सम्मान में अपनी बहन तुलसी कुमार द्वारा बनाए गए म्यूजिक वीडियो 'मेरे पापा' के अलावा कुछ और म्यूजिक वीडियो में भी नजर आई। खुशाली कुमार का अभिनेत्री बनने का सपना बचपन से ही रहा है, लेकिन अभिनेत्री के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करना उनके लिए इतना आसान नहीं था।
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'धोखा' के टीजर लॉन्च इवेंट में आर माधवन
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
खुशाली कुमार की मम्मी सुदेश कुमार नहीं चाहती थीं कि खुशाली फिल्मों में अभिनय करें। उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी मम्मी को फिल्मों में काम करने के लिए राजी किया। खुशाली कहती है, 'मैंने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के यहां बहुत सारे ऑडिशन दिए। वह मेरी पहचान छुपा कर मेरी ऑडिशन क्लिप आगे भेजते थे लेकिन लोगों को पता चल जाता था कि मैं टी सीरीज के सीएमडी भूषण कुमार की बहन हूं और लोग सीरियसली नहीं लेते थे। लोगों को लगता था कि टी सीरीज कंपनी खुद इतनी फिल्में बना रही है, तो मुझे क्या जरूरत है बाहर स्ट्रगल करने की?'
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धोखा- राउंड दी कॉर्नर
- फोटो : सोशल मीडिया
'धोखा- राउंड द कॉर्नर' में खुशाली कुमार का किरदार सांझी का है। वह कहती हैं, 'आर माधवन और दर्शन कुमार के साथ काम करना मेरा सपना रहा है जो इस फिल्म से पूरा होने जा रहा है। अब तक मैंने बहुत सारे म्यूजिक वीडियो में काम किया लेकिन म्यूजिक वीडियो और फिल्म में काम करना बहुत अलग रहा है। फिल्म में किरदार को लेकर काफी तैयारी करनी पड़ती है। सांझी का बहुत किरदार काफी जटिल है जिसे निभाने के लिए मैने आर माधवन और तब्बू को फॉलो किया है। जिस ठहराव, आंखों और चेहरे के भाव से दोनों अभिनय करते हैं, उसी तरह मैंने इस फिल्म में काम करने की कोशिश की है।'
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खुशाली कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
अपने पिता गुलशन कुमार को याद करते हुए खुशाली कुमार ने कहा, 'मेरे पापा एक्टर बनना चाहते थे। पहली बार जब वह मुंबई में आए तो एक सप्ताह तक दादर के गुरुद्वारे में रुके। जब उनको लगा कि एक्टिंग में करियर बनाना बहुत मुश्किल है तो वापस चले गए। बाद में वह आए और एक ऐसी कंपनी बनाई, जिसमें नए नए चेहरों को काम करने का मौका मिला। कहीं न कहीं एक्टिंग मेरे खून में ही था तो एक दिन उसे अपना असर दिखाना ही था।'