देव आनंद एक अभिनेता थे, निर्देशक थे, निर्माता थे, कहानी गढ़ते थे, संगीत की समझ रखते थे और शायद सबसे खास बात ये थी कि अपने समय से आगे सोचने की कुव्वत रखते थे। 26 सितंबर को देव आनंद की सालगिरह होती है। बतौर हीरो देव आनंद की पहली फिल्म 1946 में आई 'हम एक हैं' थी। देव आनंद की एक्टिंग के अंदाज ने उन्हें हमेशा दूसरे एक्टर्स की भीड़ से अलग रखा। हालांकि तारीफ पाने वाले देव आनंद को आलोचना भी कम नहीं मिली। कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए। ये तक कहा कि अब देव आनंद को काम छोड़ देना चाहिए। देव आनंद की फिल्मों को छोड़ दें तो उनकी लव लाइफ भी कुछ कम दिलचस्प नहीं रही।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक देवानंद की सुरैया से पहली मुलाकात फिल्म 'विद्या' के सेट पर हुई थी। देवानंद ने अपना परिचय देते हुए कहा था, ''सब लोग मुझे देव कहते हैं। आप मुझे किस नाम से पुकारना पसंद करेंगी? सुरैया ने कहा- देव'' देव आनंद अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में लिखते हैं, 'विद्या' के सेट पर गाना चला, कैमरा रोल हुआ। सुरैया ने मुझको पीछे से गले लगाया। मैंने उनकी सांसों की गर्माहट महसूस की। मैंने उनके हाथों को चूमा और फिर उनकी तरफ एक फ़्लाइंग किस उछाला।'' सुरैया ने उनके हाथ के पीछे का हिस्सा चूम कर उसका जवाब दिया। निर्देशक ने चिल्ला कर कहा, ''ग्रेट शॉट'' और फिर शुरू हुआ दोनों के बीच प्यार का सिलसिला।
दोनों को पहली नजर में ही प्यार हो गया था। फिल्म के सेट पर दोनों की नजरें एक दूसरे को ही तलाशती रहतीं। दोनों ने एक दूसरे के प्यार के नाम भी रख दिए। सुरैया ने अपने एक मनपसंद नॉवेल के हीरो के नाम पर सुरैया ने देव आनंद का नाम Steve रखा। जबकि देव आनंद को सुरैया की नाक जरा लंबी लगती थी, तो उन्होंने सुरैया का नाम रख दिया....Nosey।
जब सुरैया और देव आनंद की इश्क के चर्चे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में होने लगे तो सुरैया की नानी को इसीक भनक लग गई। उन्होंने देव आनंद के घर आने पर पाबंदी लगा दी हालांकि सुरैया की मां देव आनंद को बेहद पसंद करती थीं लेकिन घर में सुरैया की नानी का हुक्म चलता था और उन्हें सुरैया और देव आनंद के रिश्ते पर सख्त एतराज था। वहीं सुरैया अपनी नानी की सारी बात मानती थीं। सुरैया की नानी को सुरैया का एक दूसरे धर्म के लड़के के साथ रिश्ता कतई बर्दाश्त नहीं था उन्होंने सुरैया पर पाबंदी लगाना शुरू कर दिया। सुरैया को शूटिंग के अलावा देव से मिलने तक की इजाजत नहीं थी।
जिस दौर में सुरैया और देव आनंद का इश्क परवान चढ़ रहा था उस वक्त देव आनंद का फिल्मी करियर उठ ही रहा था और सुरैया एक स्थापित नाम था। देव आनंद सुरैया से बहुत प्यार करते थे। उनकी ऑटोबायोग्राफी 'रोमांसिंग विथ लाइफ' में लिखा है उस जमाने में देव साहब ने सुरैया को तीन हजार रुपये की हीरे की अंगूठी दी थी।