दारा सिंह ने दुनियाभर में अपनी पहलवानी से भारत का नाम रौशन किया। उनके करीबन 500 मैचों में उन्हें कोई नहीं हरा पाया था। उनका जन्म 19 नवंबर 1928 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। आगे की स्लाइड में जानें उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से...
दारा सिंह का नाम कभी बॉलीवुड अभिनेत्री मुमताज के साथ जुड़ था। दोनों की मुलाकात तब हुई थी जब दारा अपनी पहली फिल्म 'किंग कांग' के हिट होने के बाद दूसरी फिल्म 'फौलाद' के लिए एक्ट्रेस ढ़ूंढ रहे थे। उस समय हर किसी ने यह कह कर फिल्म करने से इंकार कर दिया था कि पहलवान के साथ कौन काम करेगा। उन्हीं दिनों फिल्म के सेट पर अपनी बहन के साथ पहुंची मुमताज में दारा सिंह को अपनी फिल्म की नायिका की झलक दिखी और इस तरह मुमताज और पहलवान की जोड़ी बन गई।
1963 में रिलीज हुई फिल्म फौलाद में मुमताज और दारा एक साथ नजर आए। दोनों के प्यार के चर्चे हर किसी की जुबान पर थे। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। मुमताज की बहन की शादी दारा सिंह के भाई एसएस रंधावा से हुई थी। लेकिन जैसे-जैसे मुमताज का करियर ऊंचाइयों को छूने लगा दोनों के बीच मिलना-जुलना कम होता गया। इसके बाद दोनों कभी साथ नजर नहीं आए। एक इंटरव्यू में दारा सिंह ने कहा था, 'बॉलीवुड ने मुमताज को मुझसे छीन लिया।'
दारा सिंह ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली शादी बचनो कौर से 14 साल की उम्र में हो गई थी। उस समय बचनो, दारा सिंह से उम्र में बड़ी थीं। नाबालिग रहते हुए भी दारा सिंह एक बेटे के पिता बन गए थे।
शादी के 10 साल बाद 1952 में बचनो कौर का निधन हो गया। इसके बाद दारा सिंह ने 1961 में सुरजीत कौर से शादी की। उस समय दारा सिंह वॉचमैन की नौकरी किया करते थे। उनके 3 बेटे और 3 बेटियां हैं। जिनमें विंदु दारा सिंह एक हैं।