महेश भट्ट और पूजा भट्ट ने पाकिस्तान, हिन्दुस्तान पर खुलकर बातचीत की और कहा कि दोनों देशों में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। पढ़ें इंटरव्यू...
फिल्म निर्माता एवं निर्देशक महेश भट्ट अपनी बेटी पूजा भट्ट के साथ जीरकपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने खुलकर बात की। महेश भट्ट ने कहा कि ‘पाकिस्तान और हिंदुस्तान में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। पता नहीं यह लकीरें क्यों खिंची हैं। जबकि वहां की जनता हिंदुस्तानियों का पूरी शिद्दत से स्वागत और सम्मान करती है।
पूजा भट्ट ने बताया कि अगर हम मुंबई से पाकिस्तान जाएं तो लगता है किसी अन्य देश में गए हैं और अगर मैं अमृतसर से वाया वाघा बार्डर होकर लाहौर जाऊं तो कोई ज्यादा फर्क महसूस नहीं होता। चाहे अमृतसर में हूं या लाहौर में दोनों मेरे लिए एक जैसे हैं। पूजा भट्ट ने बताया कि अगर हम मुंबई से पाकिस्तान जाएं तो ऐसा लगता है किसी अन्य देश में गए हैं और अगर मैं अमृतसर से वाया वाघा बार्डर होकर लाहौर जाऊं तो कोई ज्यादा फर्क महसूस नहीं होता।
पूजा भट्ट ने बताया कि मैं जब अमृतसर वाघा बार्डर से होकर जा रही थी तो वहां गेट पर खड़े भारतीय सेना के एक जवान ने मेरे साथ फोटो खिंचवाने की बात कही। मैंने हां कही तो तुरंत पाकिस्तानी सैनिक ने कैमरे से फोटो क्लिक की। इसके बाद पाकिस्तानी सैनिक के साथ फोटो खिंचाई तो कैमरा भारतीय फौजी ने क्लिक किया। मैं यह कहूंगी कि मैं चाहे अमृतसर में हूं या लाहौर में। दोनों ही मेरे लिए एक जैसे हैं।
महेश भट्ट ने बताया कि मैं पाकिस्तान के शहर कराची एक शो करने गया था। वहां मुझे खूब सम्मान और प्यार मिला। मुझे तो वहां और यहां की आम जनता में कोई फर्क नहीं दिखता। बॉलीवुड एकदम बदल चुका है। पहले लोग यहां आकर अभिनेता बनकर जाते थे, परन्तु अब स्थिति बिल्कुल उलट है, क्योंकि प्रांतीय कलाकार (रीजनल एक्टर्स) अब ज्यादा उभरकर आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण उनका अपनी सभ्यता, संस्कृति और मिट्टी से जुड़ा होना है।