बॉलीवुड की चमक-दमक वाली दुनिया में हर दिन नई कहानियां बनती हैं और पुरानी कहानियां धूल में दब जाती हैं। यहां सितारे रातों-रात आसमान पर चढ़ते हैं और कभी-कभी उसी तेजी से गायब भी हो जाते हैं। कुछ सितारों की किस्मत चमकती है तो कुछ की जिंदगी रहस्यों के अंधेरे में खो जाती है। आज हम बात करेंगे उन सितारों की, जिन्होंने कभी सिनेमा के पर्दे पर अपनी चमक बिखेरी, लेकिन फिर अचानक गुमनामी के साए में खो गए। उनके बारे में न परिवार को कुछ पता है, न फैंस को।
Missing Celebs: सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद अचानक लापता हुए ये सितारे, आज तक अनसुलझी है गुमनामी की कहानी
Missing Celebs From Industry: कुछ सितारों की किस्मत चमकती है तो कुछ की जिंदगी रहस्यों के अंधेरे में खो जाती है। आज हम बात करेंगे उन सितारों की, जिन्होंने कभी सिनेमा के पर्दे पर अपनी चमक बिखेरी, लेकिन फिर अचानक गुमनामी के साए में खो गए।
राज किरण
80 के दशक में राज किरण बॉलीवुड के एक चमकते सितारे थे। 'कर्ज', 'तेरी मेहरबानियां', 'घर हो तो ऐसा' और 'बुलंदी' जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी दर्शकों को खींचती थी। उनका हैंडसम लुक और सादगी भरा अभिनय उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान देता था, लेकिन 90 के दशक आते-आते उनका करियर ढलान पर चला गया। काम कम होने लगा और फिर एक दिन वो अचानक गायब हो गए। साल 1994 के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा।
उनके गायब होने की वजह को लेकर भी कई तरह की कहानियां हैं। कुछ का कहना है कि पारिवारिक और आर्थिक परेशानियों ने उन्हें डिप्रेशन में धकेल दिया। एक वक्त ऐसा आया कि उनके परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। 2011 में ऋषि कपूर ने खबर दी कि राज किरण अमेरिका के अटलांटा में एक मेंटल असाइलम में हैं। वहीं, उनकी को-स्टार दीप्ति नवल ने दावा किया कि उन्होंने राज को अमेरिका में टैक्सी चलाते देखा था, लेकिन इन बातों की सच्चाई कभी सामने नहीं आई। उनकी बेटी रिशिका ने कहा कि उनके पिता बेहद निजी इंसान थे और परिवार को सुर्खियों से दूर रखते थे। हाल ही में सोमी अली ने कहा कि उन्होंने ऋषि कपूर से वादा किया था कि वह यह जानकर रहेंगी कि राज किरन कहा हैं और उनका पता लगाने के लिए सोमी हर मुमकिन कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन अब तक बस मायूसी ही हाथ लगी। आज 30 साल बाद भी ये सवाल अनसुलझा है कि राज किरण कहां हैं- जिंदा हैं या नहीं?
विशाल ठक्कर
विशाल ठक्कर का नाम सुनते ही 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' का वो छोटा-सा किरदार याद आता है, जिसने अपनी मासूमियत से सबका ध्यान खींचा था। 'चांदनी बार' और 'टैंगो चार्ली' जैसी फिल्मों में भी वह नजर आए। विशाल का करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था, लेकिन 31 दिसंबर 2016 की रात उनकी जिंदगी का आखिरी चैप्टर बन गई। उस रात वो अपनी मां से 500 रुपये लेकर फिल्म देखने गए। रात एक बजे उन्होंने पिता को मैसेज किया कि वो दोस्तों के साथ पार्टी करने जा रहे हैं। इसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया और वो कभी लौटकर नहीं आए।
पुलिस ने खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुछ का मानना है कि पार्टी में कुछ गलत हुआ होगा, पर सच क्या है, ये आज तक रहस्य ही है। विशाल की मां आज भी अपने बेटे के लौटने की उम्मीद में जी रही हैं। एक उभरता सितारा, जिसके पास सपने थे, अचानक गायब हो गया।
जैस्मिन धुन्ना
1988 में रिलीज हुई हॉरर फिल्म 'वीराना' की चुड़ैल जैस्मिन धुन्ना को कौन भूल सकता है? उनकी खूबसूरती और डरावनी अदाएं उस दौर में चर्चा का विषय बन गई थीं। फिल्म सुपरहिट रही और जैस्मिन रातों-रात स्टार बन गईं, लेकिन इसके बाद वो अचानक गायब हो गईं। कहा जाता है कि उनकी खूबसूरती पर एक अंडरवर्ल्ड डॉन की नजर पड़ गई थी। डर के मारे जैस्मिन ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी और कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेश चली गईं।
क्या वो सचमुच अंडरवर्ल्ड के डर से भागीं? या उनकी जिंदगी में कोई और मोड़ आया? कोई नहीं जानता। उनकी गुमनामी आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है। फैंस आज भी उनकी एक झलक पाने को तरसते हैं, लेकिन जैस्मिन का कोई अता-पता नहीं।
काजल किरण
काजल किरण 70 और 80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री थीं। 'हम किसी से कम नहीं', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'शोले' जैसी फिल्मों में उनकी छोटी-छोटी भूमिकाएं भी यादगार थीं। उनकी खूबसूरती और अभिनय ने उन्हें इंडस्ट्री में एक खास जगह दी, लेकिन उनकी आखिरी फिल्म 'आखिरी संघर्ष' (1988) के बाद वो गायब हो गईं। कहा जाता है कि शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली, लेकिन सच क्या है, ये कोई नहीं जानता। एक बार ऋषि कपूर ने सोशल मीडिया पर उनकी तलाश में पोस्ट डाली थी पर कोई जवाब नहीं मिला। काजल किरण की गुमनामी उनकी आखिरी फिल्म के नाम की तरह ही एक संघर्ष बनकर रह गई।