बॉलीवुड की अधिकांश फिल्मों का हमारे जीवन पर प्रभाव होता है। इन फिल्मों के कारण, हम जीवन जीने के नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि इस दौरान कुछ बुरी आदतें भी अपनाते हैं। कई बार हम नई रणनीति सीखते हैं। बॉलीवुड की ऐसी कई फिल्में हैं जिनमें अपराध दिखाया गया है और फिर असल जिंदगी में भी वैसी ही घटनाएं देखने को मिली हैं। तो चलिए इसी कड़ी में उन फिल्मों का जिक्र करते हैं।
फिल्म डर में शाहरुख खान को एक तरफा प्रेमी के रूप में दिखाया गया है जो अपने प्यार को पाने के लिए किरण (फिल्म में नाम) का अपहरण करने की कोशिश करता है। इस फिल्म को देखने के बाद, कई लोगों ने इस किरदार को अपने वास्तविक जीवन से जोड़ने की कोशिश की। एक तरफा प्यार किया और लड़की को अगवा करने की कोशिश की। इसी तरह का एक मामला दिल्ली में दर्ज किया गया था जहां एक व्यक्ति ने स्नैपडील में काम करने वाली लड़की का अपहरण करने की कोशिश की थी। वह उसका लगभग एक साल तक पीछा करता और हर पल उस पर निगरानी रखी। जब पुलिस ने उस लड़के को गिरफ्तार कर लिया तो उसने कहा कि वह फिल्म डर के समान जीवन जीने की कोशिश कर रहा था।
फिल्म बंटी और बबली में अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी हैं, जो लोगों से पैसे लूटने के लिए उन्हें बेवकूफ बनाने की कोशिश करते हैं और उस पैसे के साथ एक शानदार जीवन जीते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि बहुत सारे जोड़ों ने वास्तविक जीवन में इस तरह के लूट को करने की कोशिश की। दिल्ली में एक जोड़े को 2013 में लोगों को लूटने और फिर भागने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने फिल्म बंटी और बबली के बारे में स्पष्ट रूप से बताया था।
दिलचस्प थ्रिलर फिल्म दृश्यम में अजय देवगन मुख्य किरदार में हैं जो अपनी बेटी और पत्नी द्वारा उनके घर पर की गई हत्या को कवर करने की कोशिश करते हैं। प्लानिंग इतनी अच्छी थी कि फिल्म के अंत तक किसी को भी हत्या का पता नहीं चल पाता। इसी घटना की इंदौर में कोशिश की गई थी, जहां एक राजनेता ने एक लड़की की हत्या कर दी और पुलिस को बेवकूफ बनाने के लिए अपने घर के पीछे एक कुत्ते के बच्चे को मारकर हत्या को छिपाने की कोशिश की लेकिन बाद में अपराध का पर्दाफाश हुआ।
नीरज पांडे द्वारा निर्देशित फिल्म स्पेशल 26 में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म वर्ष 1987 की एक वास्तविक जीवन की घटना को दर्शाती है, जहां नकली सीबीआई अधिकारियों ने एक व्यापारी के साथ मारपीट की और 35 लाख रुपये छीन लिए। 2013 में फिल्म रिलीज के बाद, लोगों के नकली अधिकारी बनने और व्यवसायियों पर छापे मारने के ऐसे मामले सामने आए। ऐसा ही एक मामला मुंबई में दर्ज किया गया जहां छापे पड़े और 21 लाख रुपये लूटे गए।