20 साल पुराने केस में सलमान खान दोषी करार दिए जा चुके हैं और फिलहाल जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। काले हिरण के शिकार के आरोप में बाकि सितारे बरी हो गए लेकिन सलमान कानून के शिकंजे से बच नहीं सके। सलमान खान को सजा दिलाने में 4 लोगों का अहम योगदान रहा। ये 4 लोग हैं पूनमचंद, चुगराम बिश्नोई, हरीश दुलानी और ललित बोरा।
काला हिरण केस में पूनमचंद और चुगराम बिश्नोई ही चश्मदीद गवाह हैं। वन विभाग को दिए अपने बयान में दोनों ने सलमान खान को जिप्सी से काले हिरणों पर गोली चलाते देखने की बात कही थी। अपने बयान में पूनमचंद ने बताया कि 2 अक्टूबर 1998 की रात उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी, इस पर उन्होंने चुगराम को जगाया और घर से बाहर निकले।
बयान में पूनमचंद ने बताया कि उन्होंने सलमान को जिप्सी से काले हिरणों पर निशाना लगाते देखा था। उन्होंने सलमान को रोकने की कोशिश भी की लेकिन सलमान ने उन्हें बंदूक दिखाया और वहां से निकल गए थे। बाद में पूनमचंद और चुगराम की गवाही इस मामले में काफी अहम साबित हुई।
सलमान खान को जेल भेजने के पीछे तीसरा मुख्य शख्स था हरीश दुलानी। हरीश दुलानी वहां के लोकल थे जो जिप्सी में सवार होकर जंगल गए थे। जब हरीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हरीश ने बताया कि सलमान ने काले हिरण ही नहीं बल्कि चिंकारा का भी शिकार किया था। हरीश ने अपने बयान में यह भी बताया कि जब सलमान निशाना लगाते थे तो बाकी कलाकारों ने उकसाने का काम किया।
काले हिरण केस में ललित बोरा ही पहले जांच अधिकारी थे जिन्होंने सलमान समेत सभी सितारों से सबसे पहले पूछताछ की थी। ललित बोरा उस वक्त असिस्टेंट फॉरेस्ट रेंजर के तौर पर जोधपुर में तैनात थे। 3 अक्टूबर 1998 की सुबह कुछ ग्रामीणों ने काले हिरण के शिकार की शिकायत जोधपुर जिला वन अधिकारी से की थी।