70 और 80 के दशक में जीनत अमान का नाम लोगों की जुबान पर चढ़ चुका था। ग्लैमर की चकाचौंध में जीनत की खूबसूरती दूर से ही चमकती थी। लेकिन उनकी शुरुआत बॉलीवुड में कुछ खास नहीं रही। अगर देव आनंद न होते तो शायद जीनत इस मुकाम पर नहीं पहुंचतीं।
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जीनत अमान
- फोटो : ट्विटर
जीनत अमान का जन्म 19 नवंबर 1951 को मुंबई में हुआ था। फिल्मों में काम करने से पहले वह एक पत्रकार थीं। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और 19 साल की उम्र में फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीता। साल 1970 में उन्होंने मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का भी खिताब जीता।
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जीनत अमान, विनोद खन्ना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
साल 1970 में ही जीनत ने 'द एविल विदइन' और 1971 में 'हलचल' जैसी फिल्मों में काम किया। ये फिल्में फ्लॉप रहीं लेकिन लोगों ने जीनत अमान को काफी पसंद किया। इन फिल्मों के फ्लॉप होने से जीनत काफी निराश हो गई थीं और उन्होंने बॉलीवुड में काम न करने का मन बना लिया था।
देव आनंद के कहने पर उन्होंने फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में उनकी बहन का किरदार निभाया और इसके बाद जीनत के चर्चे हर जुबान पर थे। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था।
साल 1978 में फिल्म सत्यम शिवम सुंदर में जीनत अमान ने बोल्ड सीन देकर सनसनी फैला दी थी। इस फिल्म की लोगों ने काफी अलोचना की लेकिन इसके बावजूद भी जीनत को फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। इसके बाद उनकी छवि एक ग्लैमरस और हॉट अभिनेत्री की बन गई।