70 के दशक की एक्ट्रेस बबीता कभी अपने फैशन स्टेंटमेंट की वजह से कॉलेज जाने वालीं लड़कियों की स्टाइल आइकन थीं। 20 अप्रैल 1948 को एक सिंधी परिवार में जन्मीं बबीता का परिवार मूलत: पाकिस्तान से था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त उनका परिवार भारत आ गया। गौरतलब है कि बबीता मशहूर एक्ट्रेस साधना की रिश्ते में कजिन हैं। जानिए बबीता के जन्मदिन पर कुछ अनसुने किस्से...
बबीता ने अपने फिल्मी करियर में केवल 19 फिल्में की हैं। उन्होंने 1966 में आई फिल्म 'दस लाख' से डेब्यू किया हालांकि उनकी पहली बड़ी फिल्म 'राज' रही। इस फिल्म में उनके अपोजिट राजेश खन्ना थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं कर पाई। इसके बाद जितेंद्र के साथ आई उनकी फिल्म 'फर्ज' सुपरहिट साबित हुई।
फिल्म की कामयाबी ने बबीता को स्टारडम, शोहरत और रुतबा दिलाया। इस तरह से बबीता की कामयाबी का सिलसिला चल पड़ा। इसी कड़ी में बबीता की कई यादगार फिल्में दर्शकों के सामने आई जिनमें 'किस्मत', 'तुमसे अच्छा कौन है', 'हसीना मान जाएगी', 'अनजाना', 'कब क्यूं और कहां' और 'पहचान' जैसी फिल्मों का नाम खासतौर पर शुमार है।
1971 में बबीता के करियर की एक अहम फिल्म 'कल आज और कल' रिलीज हुई। इस फिल्म में हीरो रणधीर कपूर थे। पहली ही फिल्म में एक्ट्रेस बबीता के साथ काम करने के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। रणधीर पंजाबी तो बबीता सिंधी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। जब रणधीर ने परिवार से बबीता से शादी करने की बात कही तो पूरा परिवार उनके खिलाफ खड़ा हो गया।
उस समय कपूर खानदान में किसी एक्ट्रेस से शादी करना अपराध माना जाता था। रणधीर को बबीता से इतना प्यार था कि वह उनसे शादी करने के लिए अपने परिवार से रिश्ता तोड़ने को तैयार हो गए थे। बबीता के कहने पर उन्होंने अपने पिता राज कपूर से रिश्ते की बात की थी लेकिन राज कपूर बबीता को अपनी फिल्मों की हीरोइन बनाने को तैयार थे लेकिन घर की बहू नहीं।