बीते कुछ साल में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने देश दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कोरोना काल में एक विकल्प के तौर पर सामने आए इन ओटीटी प्लेटफार्म्स की लोकप्रियता अब थिएटर और टेलीविजन के मुकाबले काफी बढ़ चुकी हैं। लोग अब अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट्स को देखकर बताते हैं। ओटीटी की बढ़ती इसी लोकप्रियता की वजह से अब लोगों के पास ना सिर्फ कई तरह के कंटेंट मौजूद हैं, बल्कि तरह-तरह के ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी मौजूद हैं। भारत में भी कई सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में ओटीटी की शुरुआत कब हुई या भारत का पहला ओटीटी प्लेटफॉर्म कौन सा था। अगर नहीं तो अपनी इस रिपोर्ट में हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने वाले हैं।
2 of 4
ऑरमैक्स ओटीटी ऑडियंस प्रोफाइलिंग रिपोर्ट 2022
- फोटो : Social media
भारत में ओटीटी की शुरुआत और इसके इतिहास के बारे में जानने से पहले आइए जाते हैं आखिर क्या होता ओटीटी और क्यों ये थिएटर और टीवी के सामने एक विकल्प के तौर पर सामने आया है। ओटीटी यानी 'ओवर द टॉप', एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो घर बैठे आपको आपके मोबाइल या अन्य डिवाइस पर विभिन्न तरह के कंटेंट जैसे फिल्में, सीरीज और शोज देखने की सुविधा देता है। पहले जहां फिल्मों और शोज के लिए थिएटर या टीवी पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब ओटीटी की मदद से आप जब चाहे अपने पसंद के कंटेंट को देख सकते हैं। हालांकि, कई ओटीटी पर इन कंटेंट को देखने के लिए आपको कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि कुछ प्लेटफॉर्म्स ऐसे भी हैं जहां आपको फ्री में कंटेंट मिलता है।
3 of 4
अब स्लो इंटरनेट स्पीड में भी ले सकेंगे आप ओटीटी प्लेटफॉर्म का मजा
- फोटो : Istock
दुनिया में यूं तो सबसे पहले ओटीटी की शुरुआत में साल 1997 में हुई थी। अमेरिकी शख्स रीड हेस्टिंग्स ने 25 साल पहले नेटफ्लिक्स की शुरुआत के साथ दुनिया के सामने ओटीटी को पेश किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला ओटीटी प्लेटफॉर्म कौन सा था और इसकी शुरुआत कब हुई। अगर नहीं, तो चलिए जानते हैं। भारत का पहला ओटीटी प्लेटफार्म नेटफिलक्स या अमेजन नहीं, बल्कि बिगफ्लिक्स था। इसकी शुरआत में साल 2008 में रिलायंस एंटरटेनमेंट ने की थी। रिलायंस एंटरटेनमेंट ने भारत में सबसे पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म बिगफ्लिक्स (Bigflix) को लॉन्च किया था। हालांकि, बाद में साल 2010 में डिजिवाइव ने NEXG TV नाम से ओटीटी मोबाइल एप लॉन्च किया, जिसमें वीडियो ऑन डिमांड के साथ टीवी भी देखा जा सकता था।
4 of 4
अब स्लो इंटरनेट स्पीड में भी ले सकेंगे आप ओटीटी प्लेटफॉर्म का मजा
- फोटो : Istock
अब जब ओटीटी सिनेमाघरों और टीवी को टक्कर दे रहा है, जो ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि इसकी कमाई कैसे होती है । तो आइए जानते हैं ओटीटी के सोर्स ऑफ इनकम के बारे में। जिस तरह सिनेमाघरों की कमाई काफी हद तक टिकट के होती है उसी तरह डाउनलोडिंग से पैसा कमाते हैं। दरअसल, ओटीटी तीन तरह से काम करता है। पहला टीवीओडी (TVOD), दूसरा एसवीओडी (SVOD) और तीसरा एवीओडी (AVOD)। टीवीओडी के तरह यूजर को कुछ भी डाउनलोड करने के लिए से देने पड़ते हैं। वहीं एसवीओडी के जरिए यूजर प्लान के मुताबिक एक महीने या कुछ दिन के लिए एक बार पैसे देता है और महीनेभर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है। जबकि एवीओडी वाले यूजर कोई चार्ज तो नहीं देते लेकिन वह कंटेंट को दौरान आने वाले विज्ञापनों को स्किप नहीं कर पाते हैं। इन तीन तरीकों से ओटीटी अपनी कमाई करता है।