सिनेमा जगत के कलाकारों के प्रति कुछ लोग ऐसी सोच रखते हैं कि वे अपनी चकाचौंध भरी जिंदगी में ही मदमस्त रहते हैं। लेकिन सामाजिक विपत्ति के समय पर कलाकार अपनी तत्परता से अक्सर यह बात गलत साबित करते हैं। एक तरफ कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच सभी कलाकार लोगों को जागरूक करने में व्यस्त हैं। वहीं दूसरी तरफ भूमि पेडनेकर की फिल्म दुर्गावती के सेट से कुछ तस्वीरें सामने आई है जिनमें वह कुछ अनाथ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाती हुईं नजर आ रही हैं।
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दरअसल बीते दिनों भूमि ने अपनी फिल्म दुर्गावती के सेट पर कुछ अनाथ बच्चों को आमंत्रित किया और अपनी उपस्थिति और व्यवहार से उनके दिन को खास बनाया। भूमि लंबे समय से इस समाज सेवी संगठन का समर्थन कर रही हैं। यह संगठन देह व्यापार के चंगुल और दूसरी मुसीबतों से बचकर निकले बच्चों को आश्रय प्रदान करता है।
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bhumi pednekar
- फोटो : dabboo ratnani
मुरैना में स्थित इस आश्रम का भूमि पिछले करीब तीन सालों से समर्थन कर रही हैं। वह अपनी फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की सफलता के समय से टॉयलेट और हॉस्टेल का निर्माण करवा चुकी हैं। वहीं चंबल घाटी में सोनचिड़िया की शूटिंग के दौरान भूमि ने यहां बच्चों के साथ समय व्यतीत किया था। इस दौरान बच्चों ने अपना प्यार और आभार जताने के लिए भूमि का जन्मदिन भी मनाया था। भूमि ने लगातार आश्रम को धन और उपहारों का समर्थन प्रदान किया है ताकि यह सुनिश्चित हो कि बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें।
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bhumi pednekar
- फोटो : social media
जानकारी के मुताबिक भूमि ने आश्रम के अधिकारियों के साथ पूरी सर्तकता से योजना बनाई हुई थी। वह बच्चों को आश्चर्यचकित करना चाहती थी। जब बच्चे फिल्म के सेट पर पहुंचे तो उन्होंने वहां भूमि को इंतजार करते देखा। यह देखकर बच्चे उत्साह से झूम उठे। वे अपनी दीदी (भूमि) को देखकर काफी खुश हुए और सभी ने दौड़ कर उन्हें लगे लगा लिया।'
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भूमि पेडनेकर के साथ दुर्गावती की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
सूत्र ने आगे बताया, 'भूमि इतने लंबे समय के बाद लड़कियों को देखकर बहुत खुश थी और वह उन्हें अपनी फिल्म के सेट का अनुभव देकर दिन को यादगार बनाना चाहती थी। बच्चों ने भूमि को शूटिंग करते हुए भी देखा। वे पूरे दिन बाहर ही रहें और उसके साथ उन्होंने भोजन भी किया। भूमि ने बच्चों को कुछ उपहार भी दिए वहीं बच्चों को भी भूमि के साथ वक्त बीता कर अच्छा लगा।