बॉलीवुड की मेलोडी क्वीन आशा भोसले का 8 सितंबर (Asha Bhosle Birthday) को जन्मदिन है। आशा ताई का जन्म साल 1933 को सांगली, महाराष्ट्र में हुआ था। आशा ताई की प्रोफेशनल लाइफ में जितने उतार चढ़ाव आए, निजी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही रही। उन्होंने 1943 से अपना करियर शुरू किया और तब से वे अब तक लगातार गा रही हैं। आशा ताई के जन्मदिन पर आइए आपको बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें...
2 of 5
आशा भोसले
- फोटो : File Photo
हिंदी फिल्मों में उन्होंने गायन की शुरुआत 1948 में रिलीज हुई फिल्म चुनरिया से की थी। हंसराज बहल के संगीत निर्देशन में उन्होंने 'सावन आया' गीत गाया था। आशा भोसले पहली ऐसी भारतीय सिंगर हैं जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। साल 1997 में आशा को पहली बार नॉमिनेट किया गया। साल 2005 में एक बार फिर आशा ताई को ग्रैमी में नॉमिनेशन मिला।
3 of 5
आशा भोसले
- फोटो : File Photo
आशा जब सिर्फ नौ साल की थीं तब उनके पिता का देहांत हो गया था, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार के सपोर्ट के लिए सिंगिंग और एक्टिंग शुरू कर दी। आशा ताई ने 1943 की मराठी फिल्म 'माझा बल' में पहला गीत 'चला चला नव बाला' गाया था। आशा ताई को 'पॉप क्रूनर' और 'कैबरे सिंगर' का खिताब दिया गया था लेकिन उन्होंने 'उमराव जान' फिल्म में रेखा पर फिल्माई गई गजलों जैसे 'इन आंखों की मस्ती के', 'दिल चीज क्या है' को गाकर बता दिया कि वह गजल भी गा सकती हैं।
4 of 5
आशा भोसले
- फोटो : file photo
शुरुआत में आशा भोसले को रिजेक्टेड गाने दिए जाते थे लेकिन आशा ताई उसे भी अपनी गायिकी से मशहूर कर देती थीं। दरअसल उस दौर में गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का नाम ही ज्यादा चलता था ऐसे में सभी फिल्मों में इन्हीं के गाने लिए जाते थे। बी आर चोपड़ा की 1957 में आई हुई फिल्म 'नया दौर' ने आशा ताई' को उच्च कोटि की सिंगर का दर्जा दिया।
5 of 5
आशा भोसले
- फोटो : file photo
युवाओं की दुनिया से रिश्ता कायम रखने के लिए वे ट्विटर से भी जुड़ी हैं। आशा भोसले ना केवल गीत गाने के लिए वक्त निकालती हैं बल्कि अपने शौकिया कारोबार को भी विस्तार दे रही हैं। उन्हें खाना बनाने का बहुत शौक है और दुबई में उन्होंने अपना रेस्टोरेंट भी खोला है। गिनीज बुक के हिसाब से आशा भोसले ने सबसे अधिक गाने गाए हैं। भारत सरकार द्वारा आशा भोसले को दादा साहेब फाल्के और पद्म विभूषण अवार्ड से नवाजा जा चुका है।