अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पत्रकारों को ही इंटरव्यू देते आए हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी एक्टर ने उनका इंटरव्यू किया। खास बात ये है कि अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे। पीएम मोदी ने कुछ सवालों के बहुत ही मजेदार जवाब दिए। आगे की स्लाइड में अक्षय कुमार के ऐसे ही 5 सवालों के बारे में जानिए जिनके जवाब और भी मजेदार हैं।
अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से पूछे 5 सबसे रोचक सवाल, प्रधानमंत्री ने दिए गजब के जवाब
अक्षय कुमार: जब आप गुजरात के सीएम बनकर निकले थे तो आपके अकाउंट में 21 लाख थेे। हमने सुना था कि आपने अपने पैसे स्टाफ की बेटियों के नाम दे दिए थे। अगर आप बताना चाहें तो बता सकते हैं कि आपके अकाउंट में आज कितने पैसे हैं?
पीएम: विधायक बनने से पहले मेरा बैंक खाता नहीं था। विधायक बनने के बाद ही मेरा बैंक खाता खुला। मेरा स्टाफ ही मेरी सारी चीजें देखता था। उन पैसों की मुझे जरूरत नहीं थी, उसमें से कुछ पैसे मैंने सेक्रेटरी और चपरासी की बच्चियों के लिए दे दिए।
अक्षय कुमार: आप गुजराती ही हैं ना क्योंकि गुजराती पैसे बचाने में बहुत यकीन रखते हैं लेकिन आपने तो सबकुछ दे दिया।
पीएम मोदी: बहुत साल पहले मैं ऐसे ही साधारण कपड़ों में रेलवे पर भटकता रहता था। पुणे में एक बार मैं ऐसे ही चला जा रहा था। एक ऑटोरिक्शा वाला धीरे-धीरे मेरे साथ ही चलता चला जा रहा था। मुझे कुछ अजीब लगा। मैंने उससे पूछा कि आपका ऑटो रिक्शा खराब है क्या? उसने मुझसे कहा कि आप ऑटो में बैठोगे नहीं? आप समाजवादी हो क्या? इस पर मैंने उससे कहा कि नहीं मैं अहमदाबादी हूं।
अक्षय कुमार: जैसे मैं अपने घर पर अपनी मां के साथ रहता हूं, आपका मन करता है सर कि आपकी मां, आपके भाई, आपके सारे रिश्तेदार आपके साथ घर पर रहें?
पीएम: मैं जिंदगी की बहुत छोटी आयु में सबकुछ छोड़ चुका हूं। बहुत छोटी आयु में... जैसे मेरी मां मुझे कहती है, अरे भाई मेरे पीछे तुम क्यों समय खराब करते हो। मैं गांव में रहूंगी, वहां लोगों से बातें करूंगी। मां भी देखती है कि कितना बिजी शेड्यूल है।
अक्षय कुमार: मेरा जो अनुभव है कि गुस्सा निकाल लेना अच्छी बात है। मुझे जब गुस्सा आता है तो बॉक्सिंग बैग में मार लेता हूं या समंदर किनारे जाकर जोर से चीख लेता हूं। आपका क्या मानना है?
पीएम: मेरी जो 20-22 साल की ट्रेनिंग है, अच्छी चीजों से नकारात्मकता को दबाना सीखा है। चपरासी से लेकर अधिकारी तक, मुझे गुस्सा करने का अवसर नहीं मिला। अंदर तो गुस्सा होता होगा, लेकिन मैं व्यक्त करने से रोकता हूं। गुस्सा नुकसान करता है।