अपनी सादगी और दमदार अभिनय से सभी के दिलों में आज भी बसने वालीं 50-60 के दशक की बेहतरीन अभिनेत्री नूतन की आज पुण्यतिथि है। 21 फरवरी 1991 को 54 साल की उम्र में नूतन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। नूतन सिर्फ प्रोफेशनल वजहों से ही चर्चा में नहीं रहती थीं, बल्कि कई बार निजी जीवन के चलते भी चर्चा में आ जाती थीं। उनके जीवन की उन बातों को जानेंगे जिससे आज शायद कम ही लोग वाकिफ हैं।
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नूतन
- फोटो : सोशल मीडिया
नूतन का जन्म 24 जून 1936 को एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनकी मां का नाम शोभना सामर्थ और पिता का कुमारसेन सामर्थ था। उनकी मां एक अभिनेत्री थीं जिसकी वजह से नूतन भी उनसे काफी प्रभावित थीं और उन्हीं के नक्शे कदम पर चलकर खुद भी अदाकारा बनना चाहती थीं। लेकिन तब उनकी उम्र काफी कम थी।
उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1950 में की थी जब वह स्कूल की छात्रा थीं। बतौर बाल कलाकार फिल्म ‘नल दमयंती’ में उन्होंने काम किया था। इसी साल उन्हें फिल्म हमारी बेटी में काम करने का मौका मिल गया। ये फिल्म उनकी मां शोभना समर्थ ने ही बनाई थी। इस बीच उन्होंने अखिल भारतीय सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें वे विजेता बनीं। इस तरह मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली वह पहली अभिनेत्री बनी थीं।
नूतन सादगी भरी एक सरल मिजाज वाली अभिनेत्री मानी जाती थीं। उन्हें ज़्यादा चमक धमक में नहीं देखा गया। लेकिन साड़ियों में लिपटी नूतन ने साल 1958 में अपनी ये छवि बिल्कुल बदल दी। दिल्ली का ठग नाम की फिल्म में उन्होंने अपने बोल्ड अवतार से सबको चौंका कर रख दिया। वहीं इसके बाद एक बार फिर से फिल्म सुजाता और बंदिनी में अपने गंभीर अभिनय से बोल्ड छवि को बदलकर रख दिया।
वहीं 9 साल बाद 1959 में नूतन की शादी लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से हो गई थी। लेकिन इसके बाद भी उनका फिल्मी सफर जारी रहा। बालिग होने तक नूतन ने ‘हमलोग’, ‘शीशम’, ‘परबत’ और ‘आगोश’ जैसी फिल्मों में काम कर लिया था। हालांकि इसके बाद वे लंदन चली गईं और लौटकर आईं तो ‘सीमा’ में विद्रोही नायिका की भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।