जिया खान आत्महत्या मामले में अभिनेता सूरज पंचोली के खिलाफ मुंबई के सेशन कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही न्यायाधीश केजी शिरभाटे ने सूरज पर जिया को खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा 306 के तहत ट्रायल चलाने के आदेश दिए हैं।
हालांकि अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन इससे सूरज पंचोली की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सूरज के वकील ने उनका बचाव करते हुए फिर दोहराया कि जिया ने खुद आत्महत्या की। उसमें सूरज पंचोली का कोई हाथ नहीं है।
आरोप पत्र के मुताबिक जिया खान तीन जून 2013 को अपने घर में फांसी पर लटकी मृत पाई गई थी। वह दो दिन से सूरज के घर पर रह रही थीं और उसी दिन अपने घर आईं थीं। सीबीआई के मुताबिक सूरज ने पूछताछ में कई तथ्य छुपाए और मनगढंत जानकारियां दी थी। सूरज ने पॉलीग्राफी और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने से भी इनकार कर दिया था।
सीबीआई ने कहा कि जिया ने तीन पन्नों का पत्र मुंबई पुलिस को लिखा था जिसमें कथित तौर पर सूरज के साथ करीबी संबंध, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के बारे में लिखा था। जिया के खत के अनुसार सूरज की इन करतूत की वजह से ही उसे आत्महत्या करनी पड़ी।
इसके बाद पुलिस ने 10 जून 2013 को सूरज को हिरासत में ले लिया था। सूरज के जमानत पर रिहा होने के बाद अक्तूबर 2013 में जिया खान की मां राबिया खान ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी बेटी की हत्या हुई है, इसलिए मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।