अभिषेक बच्चन ने अपने पिता अमिताभ बच्चन का सहारा लिए बिना ही बॉलीवुड में पहचान बनाई है। अभिषेक ने साल 2000 में फिल्म 'रेफ्यूजी' में काम किया था, हालांकि ये मूवी बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी । इस फिल्म में अभिषेक के साथ करीना कपूर भी थीं । 'रेफ्यूजी' करीना की भी डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म के लिए अभिषेक के काम की बहुत तारीफ हुई थी। एक स्टार किड होने के नाते अभिषेक पर काम करते रहने का प्रेशर था।
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Amitabh Bachchan with family
- फोटो : Facebook
उस समय अभिषेक को जो प्रोजेक्ट ऑफर हुए, उन्होंने वो फिल्म कर ली। स्क्रिप्ट पर ध्यान ना देना अभिषेक को महंगा पड़ गया। इसके चलते अभिषेक बच्चन ने 4 साल में लगातार 17 फ्लॉप फिल्में दे दी। साल 2004 में अभिषेक बच्चन ने फिल्म 'धूम' में काम किया और यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म के बाद उन्होंने 'बंटी और बबली', 'युवा', 'ब्लफमास्टर', 'गुरु' और 'दोस्ताना' जैसी सुपरहिट फिल्में देकर ये साबित कर दिया कि वो बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के बेटे हैं।
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amitabh bachchan with family
- फोटो : social media
आज अभिषेक बच्चन अपना 44वां बर्थडे सेलीब्रेट कर रहे हैं। इस मौके पर अभिषेक से जुड़ी कुछ ऐसी बातों से आपको रूबरू करवाते हैं जो शायद अभी तक आपने नहीं सुनी होंगी। अभिषेक के 20 साल के करियर में बहुत से उतार-चढ़ाव आए। उनकी ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रहीं। एक इंटरव्यू के दौरान अभिषेक ने अपनी फ्लॉप फिल्मों को लेकर बड़ा बयान दिया था।
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बच्चों के साथ अमिताभ बच्चन
- फोटो : सोशल मीडिया
अभिषेक ने कहा था, 'जब कोई एक्टर फ्लॉप फिल्में देता है तो लोग उसका फोन उठाना बंद कर देते हैं। फिर वो यह नहीं सोचते कि आप किसके बेटे या बेटी हो। फ्लॉप होना दुनिया की सबसे खराब फीलिंग होती है जो आपको एक इंसान के तौर पर खत्म सा कर देती है।' इससे पता चलता है कि अभिषेक इस तरह की फीलिंग से कई बार गुजर चुके हैं।
अभिषेक बचपन में डाइलेक्सिया बीमारी के शिकार थे। इस बात का खुलासा तब हुआ था जब 2007 में आमिर खान ने इसी बीमारी पर फिल्म 'तारे जमीं पर' बनाई थी। अभिषेक ने अपनी पढ़ाई जमनाबाई नर्सी स्कूल से की थी। इसके बाद वो बिजनेस कोर्स के लिए यूएसए की बॉस्टन यूनिवर्सिटी चले गए। लेकिन हिंदी फिल्मों में काम करने के चलते वो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर आ गए थे।