हिंदी सिनेमाजगत में रहीम चाचा के नाम से जाने जाने वाले ए के हंगल की 26 अगस्त को डेथ एनिवर्सरी है। ए के हंगल बॉलीवुड के ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने 50 साल की उम्र में सिनेमाजगत में डेब्यू किया था। इन्होंने 70 से 90 के दशक तक ज्यादातर फिल्मों में पिता या फिर एक्टर्स के करीबी रिश्तेदार का किरदार निभाया है। तो चलिए आपको ए के हंगल से जुड़े कुछ अनसुने किस्से बताते हैं।
ए के हंगल का पूरा नाम अवतार किशन हंगल था। हालांकि ज्यादातर लोग उन्हें उनके शॉर्ट नाम यानी कि ए के हंगल के नाम से ही जानते हैं। इनका जन्म 1 फरवरी 1914 को हुआ था और यह मुख्य रूप से कश्मीरी पंडित थे जिन्होंने अपना ज्यादातर बचपन पेशावर में गुजारा था।
ए के हंगल भारत को आजादी दिलाने के संघर्ष में शामिल थे। पिता के रिटायरमेंट के बाद ए के हंगल का पूरा परिवार पेशावर से कराची शिफ्ट हो गया था। तीन साल पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद ए के हंगल साल 1949 में मुंबई लौट आए थे।
ए के हंगल थियेटर ग्रुप आईपीटीए से भी जुड़े थे। जिसमें उनके साथ बलराज साहनी और कैफी आजमी भी थे। दिलचस्प बात यह है कि ए के हंगल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 50 साल की उम्र में की थी। ए के हंगल की पहली फिल्म बासु भट्टाचार्य की 'तीसरी कसम' थी जो कि साल 1966 में रिलीज हुई थी।
70 से 90 के दशक तक ए के हंगल ने ज्यादातर फिल्मों में लीड रोल निभा रहे एक्टर के पिता या फिर करीबी रिश्तेदार का रोल निभाया है। ए के हंगल का निभाया गया रहीम चाचा का किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है जिसमें उन्होंने मानों जान ही डाल दी थी।