साल 1988 में रिलीज हुई फिल्म "दयावान" विनोद के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। हालांकि यह फिल्म टिकट खिड़की पर कामयाब नहीं रही लेकिन समीक्षकों का मानना है कि यह फिल्म विनोद खन्ना के करियर की उत्कृष्ठ फिल्मों में एक है। इस फिल्म में इंटीमेट सीन करने के लिए माधुरी दीक्षित की खूब आलोचना हुई थी। इस फिल्म को रिलीज हुए आज 32 साल पूरे हो गए हैं।
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32 Years Of Dayavan
- फोटो : Twitter-@BombayBasanti
ये बात उस दौर की है जब विनोद खन्ना ने फिल्मों में अपनी दूसरी पारी शुरू की थी। विनोद खन्ना जब आचार्य रजनीश के आश्रम से लौटे तो उन्होंने रोमांटिक रोल करने के बारे में सोचा। उस वक्त फिरोज खान एक फिल्म बना रहे थे 'दयावान'। 'कुर्बानी' फिल्म करते हुए फिरोज और विनोद की अच्छी दोस्ती हो गई थी। फिरोज ने उनको दयावान का लीड रोल ऑफर कर दिया। ये फिरोज की विनोद खन्ना और माधुरी के साथ आखिरी फिल्म थी।
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दयावान बहुत जल्दी शूट हो गई थी। फिल्म को एक शेड्यूल में ही शूट किया गया था। शूटिंग दो महीने के भीतर पूरी हो गई थी। फिल्म में मौजूद मोहम्मद अजीज का गीत 'दिल तेरा किसने तोड़ा' इसमें बाद में शामिल किया गया था। शूटिंग पूरी होने के बाद गाने को रिकॉर्ड किया गया और फिर फिल्म में शामिल किया गया था।
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एक इंटरव्यू के दौरान माधुरी ने कहा था कि फिल्म 'दयावान' में उन्होंने जो किसिंग सीन किए, उसका उन्हें आज भी पछतावा होता है। कहते हैं दयावान के लिए पहले श्रीदेवी से बात की गई थी लेकिन फिरोज खान की कई शर्तें थीं समय और आउटफिट को लेकर जिसके बाद श्रीदेवी ने ये फिल्म नहीं की।
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दयावान ही एक ऐसी फिल्म है जिसमें अमरीश पुरी का रोल छोटा है, अमरीश पुरी उस दौर के बड़े अभिनेता थे और छोटे-मोटे रोल नहीं किया करते थे लेकिन फिरोज खान से दोस्ती की वजह से उन्होंने यह फिल्म की। ये फिल्म साल 1987 में आयी तमिल फिल्म नायकन की हिंदी रीमेक थी।