केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को प्रतिष्ठित सम्मान अंतरराष्ट्रीय अजेय स्वर्ण पदक से नवाजा जाएगा। यह सम्मान विश्वव्यापी महर्षि संगठन और विभिन्न महर्षि विश्वविद्यालयों की ओर से दिया जाएगा। इस सम्मान की घोषणा एक दो दिवसीय वर्चुअल समारोह में की गई है। इस अधिवेशन में 110 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। केंद्रीय मंत्री ने इस सम्मान को वैश्चिक संक्रामक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने और कोविड-19 के रोगियों की सेवा में जुटे कोरोना वारियर्स को समर्पित किया है।
उपलब्धि : केंद्रीय शिक्षा मंत्री को मिलेगा यह सम्मान, कोरोना वारियर्स को किया समर्पित
केंद्रीय मंत्री ने इस सम्मान को वैश्चिक संक्रामक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने और कोविड-19 के रोगियों की सेवा में जुटे कोरोना वारियर्स को समर्पित किया है।
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असाधारण प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट सेवा के लिए चयन
गौरतलब है कि वैश्विक महर्षि महेश योगी संगठन एवं विश्वभर में संचालित महर्षि समूह के विश्वविद्यालयों की ओर से भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को प्रतिष्ठित सम्मान अंतरराष्ट्रीय अजेय स्वर्ण पदक के लिए चयनित किया गया है। इस सम्मान की घोषणा करते हुए विश्वव्यापी महर्षि संगठन और विभिन्न महर्षि विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष टोनी नाडर ने कहा कि डॉ निशंक को उनके लेखन, सामाजिक और शानदार सार्वजनिक जीवन के माध्यम से मानवता के लिए उनकी असाधारण प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट सेवा के लिए चयनित किया गया है।
गुरु पूर्णिमा पर प्रदान किया जाएगा सम्मान
चयन समिति ने प्राचीन वैदिक मूल्यों, ज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को सबसे वैज्ञानिक तरीके से प्रचारित करने के लिए डॉ निशंक के अथक प्रयासों और महान प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। नाडर ने वेद और विश्व शांति कार्यक्रम के माध्यम से विश्व शांति के लिए निरंतर समर्थन और प्रतिबद्धता के लिए डॉ निशंक के प्रयासों की सराहना भी की।
उन्होंने बताया कि औपचारिक रूप से यह पुरस्कार इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ निशंक को प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर नाडर ने सबसे नवीन, रचनात्मक, वैज्ञानिक और समावेशी नई शिक्षा नीति-2020 के लिए शिक्षा मंत्री को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तैयार की गई नई शिक्षा नीति आधुनिक शिक्षा के आधार के रूप में विश्व स्तर पर मानवीय मूल्यों को स्थापित करने में एक लंबा सफर तय करेगी।
डॉ निशंक ने चयन समिति के प्रति आभार जताया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ निशंक ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए चयन समिति के प्रति आभार जताया है। निशंक ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि उनके लेखन, समाज सेवा और जनसेवा को सराहा गया है। उन्होंने कहा कि वह भारतीय पारंपरिक ज्ञान और भारत के शाश्वत जीवन मूल्यों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि यह मानवता को लाभ पहुंचा सके। शिक्षा नीति पर सकारात्मक विचारों के लिए नाडर को धन्यवाद देते हुए डॉ निशंक ने कहा कि यह नीति न केवल भारत को आने वाली वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी बल्कि आने वाले समय में देश को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करेगी।
संबोधन के वक्त भावुक हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ निशंक ने अपना पुरस्कार उन सभी कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया जो इस कठिन समय में कोविड-19 से पीड़ित मरीजों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। निशंक ने अपने भावुक संबोधन में कहा कि वह अभी-अभी कोविड संक्रमण से बाहर आए हैं। उन्होंने उस कोरोना मरीजों के दर्द को महसूस किया है और हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण, संघर्ष, कर्तव्य, सेवा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, हम अपने कोरोना योद्धाओं के बल पर जरूर जीतेंगे, जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
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