Career In Medical: नीट-यूजी यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट के नतीजे आ चुके हैं और कुछ अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों के लिए यह खबर शायद वैसी न हो जैसी उन्होंने उम्मीद की थी। हर साल, लाखों छात्र कड़ी मेहनत करके डॉक्टर बनने की चाहत लिए इस परीक्षा में शामिल तो होते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण इसमें सफल नहीं हो पाते हैं।
अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो परेशान या हताश न हों। बेशक यह वक्त आपके लिए निराशा भरा हो सकता है, लेकिन यही समय सोचने, फिर से योजना बनाने और खुद को मजबूत करने का एक बेहतरीन मौका भी है। याद रखें इस परीक्षा को पास न कर पाना कॅरिअर का अंत नहीं है, बल्कि कुछ और वैकल्पिक तरीके भी हैं।
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तरीका बदलें, रास्ता नहीं
सबसे पहले खुद को यकीन दिलाएं कि आप नीट की परीक्षा में फेल नहीं हुए हैं। आप बस इस बार इसे पास नहीं कर पाए। साथ ही, आपने अपनी क्षमता नहीं खोई है, बल्कि सिर्फ एक अवसर खोया है। इसलिए आपको अपना तरीका बदलने की जरूरत है न कि रास्ता।
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सांकेतिक तस्वीर
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दूसरी कोशिश
असफलता का मतलब ही है एक बार फिर से कोशिश करना। यदि एमबीबीएस डॉक्टर बनना ही आपका एकमात्र लक्ष्य है तथा आपको यकीन है कि आप एक और साल की तैयारी के साथ अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं, तो आपको ऐसा करना चाहिए। हालांकि, यह निर्णय अपनी ताकत और कमजोरियों का आकलन करके ही लिया जाना चाहिए। साथ ही, आपको अपने मार्गदर्शक, तैयारी कराने वाले शिक्षकों और संस्थानों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। पिछले परिणामों में उनकी सफलता का प्रतिशत अवश्य देखें।
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अन्य ऑनलाइन विकल्प भी मौजूद
कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अब ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में मेडिकल से संबंधित कई अन्य कोर्स भी उपलब्ध हैं। आप चाहें तो गैप ईयर लेने के बजाय नीट की तैयारी के साथ-साथ एमिटी यूनिवर्सिटी, भारत सरकार के स्वयं प्लेटफॉर्म, इग्नू यूनिवर्सिटी व अमेरिकन एकेडमी ऑफ प्रोफेशनल कोडर्स जैसे कुछ मशहूर संस्थानों से इन कोर्सेज को कर सकते हैं। इसके अलावा, कई निजी प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतरीन शॉर्ट टर्म, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज उपलब्ध हैं।
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वैश्विक सोच भी रखें
नीट की परीक्षा में असफल छात्रों के पास विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने का भी विकल्प मौजूद है। विदेश के कई संस्थान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठनों से अनुमोदित हैं। विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) उत्तीर्ण करने के बाद यहां कि डिग्री भारत में मान्य हो जाती है। हालांकि, कोई भी फैसला किसी विशेषज्ञ से सलाह करके ही लें।
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