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खाकी वर्दी : 130 करोड़ लोगों की सुरक्षा का जिम्मा 26 लाख पुलिसकर्मियों पर, 5.31 लाख पद रिक्त

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 17 Mar 2021 04:42 PM IST
पुलिस
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अक्सर कहा जाता है कि देश में दिनोंदिन आपराधिक घटनाएं और बेरोजगारी बढ़ रही है। बेरोजगारी के मामले में सरकार और अपराध नियंत्रण के मामले में पुलिस प्रशासन को लाचार बताया जाता है। 130 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी महज 26 लाख पुलिसकर्मियों पर है। इन पुलिसकर्मियों में से भी करीब 05.31 लाख पद खाली पड़े हैं।
लेकिन सरकारें भर्ती प्रक्रिया और पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर अक्सर उदासीन रहती हैं। अगर बात करें पुलिस की तो चाहे घटना दंगे, हत्याकांड या बलात्कार जैसी भयावह क्रूरता हो या झगड़ा, लूटपाट, चोरी-डकैती या अन्य कोई कानून व्यवस्था बहाली जैसे कार्य। सभी जगह पहले मोर्चे पर कोई संघर्ष करता है तो वह है खाकी वर्दी वाले पुलिसकर्मी। कुछ गलत हो जाए तो भी विफल और लचर कानून व्यवस्था को लेकर सबसे पहले दोष भी खाकी वर्दी को ही दिया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन खाकी वर्दी वालों के ऊपर काम का कितना दबाव है। उल्लेखनीय है कि देश की आबादी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन पुलिसकर्मियों की संख्या में इजाफा उस अनुपात में नहीं हो पा रहा है। देश में पुलिस जवानों की बड़ी तादाद में कमी है। आइए जानते हैं पुलिसकर्मियों के कहां-कितने पद हैं और कहां-कितने पद खाली पड़े हैं। 
जी किशन रेड्डी
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हाल ही में संसद में भी यह मामला उठा था। 16 मार्च, 2021 को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा को एक लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में पुलिसकर्मियों के 26 लाख 23 हजार 225 पद स्वीकृत हैं। उन्होंने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से जारी किए गए आकड़ों के आधार पर बताया कि पूरे भारत में पुलिस के स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 20 लाख 91 हजार 488 पद ही भरे हुए हैं। जबकि एक जनवरी, 2020 तक पूरे देश में 05 लाख 31 हजार 737 पद खाली पड़े हुए थे। 
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Loksabha
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टीएमसी सांसद ने पूछा था सवाल
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रेड्डी ने यह आंकडे़ं टीएमसी के सांसद टीआर परिवेंद्र द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में लोकसभा के पटल पर रखे। सांसद परिवेंद्र ने देशभर में पुलिसकर्मियों के खाली पड़े पदों का ब्योरा मांगा था। सदन के सामने जवाब देते हुए जी किशन रेड्डी ने अपनी लिखित प्रतिक्रिया में कहा कि देश में शासन प्रणाली के अनुसार, पुलिस व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। राज्य में खाली पड़े पदों को भरने की जिम्मेदारी भी मुख्य रूप से उसी राज्य सरकार की होती है। केंद्र इस संबंध में सिर्फ राज्यों को परामर्श जारी कर सकता है। 
उत्तर प्रदेश पुलिस
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उत्तर प्रदेश और बंगाल में सबसे ज्यादा टोटा
बीपीआरएंडडी यानी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से जारी किए गए आकड़ों के अनुसार, पुलिस महकमे में खाली पदों के मामले में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल है। उत्तर प्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 01 लाख 11 हजार 865 पद खाली हैं। जबकि दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल है जहां 55,294 और तीसरे स्थान पर बिहार जहां 47,099 पुलिसकर्मियों के पद खाली हैं। 
 
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मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक)
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यहां इतने पद खाली 
ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 31,488, तेलंगाना में 29,492, महाराष्ट्र में 28,550, गुजरात में 27,349 पुलिस जवानों के पद खाली पड़े हैं। जबकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पुलिस में 9,767 पद रिक्त हैं। वहीं, नगालैंड देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां राज्य पुलिस के स्वीकृत 26,738 पदों से करीब दो हजार अधिक जवान हैं। यहां वर्तमान में कुल 28,113 पुलिसकर्मी सेवारत हैं।
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