Pratima Rai: एनसीसी सिलीगुड़ी की 23वीं बटालियन की कैडेट प्रतिमा राय ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी कर ली है। चढ़ाई के बाद उन्होंने एनसीसी की तरफ से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
प्रतिमा ने बताया कि एवरेस्ट की यात्रा उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन यह सफर साहस, हिम्मत और यादगार अनुभवों से भरा हुआ था। यह पल उनके जीवन का सबसे खास और गर्व भरा रहा।
एएनआई से बात करते हुए प्रतिमा राय ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, "यह अगस्त 2024 में चयन प्रक्रिया के साथ शुरू हुआ... यह बहुत गर्व का क्षण था जब मैंने एवरेस्ट की चोटी पर एनसीसी ध्वज और राष्ट्रीय ध्वज फहराया... जो लोग अपनी बेटियों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं, वे अच्छा कर रहे हैं। अब बेटियां बहुत कुछ कर सकती हैं... ध्यान केंद्रित रखें और अपने सपनों को हासिल करें... मैं एनसीसी को उनके समर्थन के लिए प्रधानमंत्री की आभारी हूं।"
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एनसीसी की प्रतिमा राय ने फतह किया माउंट एवरेस्ट
- फोटो : ANI
परिवार में खुशी और गर्व का माहौल
उनके गौरवान्वित पिता आसा कुमार राय ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "... उसने कम उम्र में ही सफलता प्राप्त कर ली। मेरी बेटी सफल होकर आई है। हम खुश हैं। परिवार के सभी सदस्य खुश हैं।"
23वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल जयंत चट्टोपाध्याय ने भी उनकी उपलब्धि की प्रशंसा की। उन्होंने एएनआई
से कहा, "यह हमारे लिए गर्व का क्षण है... यह (पर्वतारोहण) कई मिशनों में से एक है। हमारे बहुत से बच्चे परेड में भी जाते हैं... एनसीसी इसमें शामिल होने वाले सभी छात्रों के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है... हम अपने सभी छात्रों का समर्थन करने के लिए मौजूद हैं।"
इस बीच, 12 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) पर्वतारोहण अभियान दल को सम्मानित किया, जिसमें औसतन 19 वर्ष की आयु के पांच लड़कियां और पांच तड़के शामिल थे, जिन्होंने 18 मई को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी, जैसा कि विज्ञप्ति में बताया गया है।
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एनसीसी की प्रतिमा राय ने फतह किया माउंट एवरेस्ट
- फोटो : ANI
साहसिक मिशन की तीसरी बड़ी सफलता
कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने मुश्किल हालात में भी बिना किसी चोट के माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की। उनके साहस, धैर्य और देशभक्ति को सम्मान देते हुए टीम को 10 लाख रुपये का चेक दिया गया। यह कार्यक्रम साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में हुआ, जहां कैडेटों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग, सही योजना और कई चुनौतियों का सामना करते हुए यह सफर पूरा किया। रक्षा मंत्री ने पूरी टीम की तारीफ की और कहा कि उन्होंने साहस, अनुशासन और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
यह उपलब्धि एनसीसी द्वारा एवरेस्ट अभियान का तीसरा सफल अभियान है, इससे पहले 2013 और 2016 में भी इसी तरह की उपलब्धियां हासिल की जा चुकी हैं। अभियान दल में 10 कैडेट, अधिकारियों की एक टुकड़ी, जूनियर कमीशन अधिकारी, प्रशिक्षक और गैर-कमीशन अधिकारी शामिल थे। इस दल में सूबेदार मेजर बलकार सिंह भी शामिल थे, जो माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले भारतीय सेना के पहले सूबेदार मेजर थे। दल का युवा कैडेट सिर्फ 16 साल का था।
रक्षा मंत्री ने 03 अप्रैल, 2025 को अभियान दल को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे अभियान के दौरान, दल ने स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया तथा प्रत्येक चरण में सभी सदस्यों की भलाई सुनिश्चित की।
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