दुनियाभर में लगभग सभी लोग यह जानना चाहते हैं कि उनके भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है? आम आदमी से लेकर विविध क्षेत्रों के दिग्गज इसी जुगत में रहते हैं। कल होने वाली घटनाओं के बारे में आज ही जानने को लेकर हर कोई उत्सुक रहता है। दुनिया में कुछ ऐसे विरले दूरदृष्टा और भविष्यवेता हुए हैं, जो जानते हैं कि आने वाले समय में क्या होगा। जिन्होंने अपने जीवनकाल में देश और दुनिया में आने वाले समय की घटनाओं को लेकर कई भविष्यवाणियां की, जिन्हें उस वक्त संदेह की दृष्टि से देखा गया है और कालांतर में वे सच साबित हुई हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ महान भविष्यवक्ताओं के बारे में ...
देश-दुनिया के इन महान लोगों के बारे में नहीं जानते होंगे, सच हुईं हैं इनकी बातें
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Nostradamus
नास्त्रेदमस (Nostradamus) :
नास्त्रेदमस दुनिया के महान भविष्यवेताओं में एक हैं। 14 दिसंबर, 1503 को फ्रांस में जन्मे नास्त्रेदमस की कालगणना के अनुसार हम चंद्रमा की द्वितीय महान चक्र अवधि से गुजर रहे हैं, जो 1889 से शुरू हुई है और 2243 में समाप्त होगी। सैकड़ों साल पहले नास्त्रेदमस ने लेस प्रोफेसीस नाम की एक किताब में हजारों बातें लिखीं थीं, जो अब एक के बाद एक सच साबित हो रही हैं। उनकी 499 वर्ष पहले की गई भविष्यवाणियों में से तकरीबन 70 फीसदी सच साबित हुई हैं। नास्त्रेदमस के अनुसार तीसरे महायुद्ध की स्थिति 2012 से 2025 के मध्य बन सकती है। इसमें भारत शांति स्थापना को लेकर अहम भूमिका निभाएगा।
बाबा वेंगा (Baba Vanga)
बाबा वेंगा (Baba Vanga):
बाबा वेंगा के नाम से मशहूर वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा का जन्म बुल्गारिया के स्त्रुमिका में 03 अक्तूबर, 1911 को हुआ था। 12 साल तक वेंगेलिया ने सामान्य जिंदगी बिताई्, लेकिन इसके बाद एक तूफान जनित घटना में उनकी दृष्टिबाधित हो गईं थीं। इसके घटना के बावजूद वह काफी कुछ देखती थीं और भविष्यवाणियां कर लोगों की मदद करती थीं। 1996 में उनकी 85 साल की उम्र में मौत हो गई। वेंगा ने 50 साल में लगभग 100 भविष्यवाणियां कीं। इनमें से अधिकतर सच रहीं। वेंगा को‘नास्त्रेदमस फ्रॉम द बाल्कन’ के नाम से जाना जाता है। वेंगा ने फ्रांस हमले, अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले, सुनामी, फुकुशिमा हादसे और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के सामने आने की भविष्यवाणियां की थीं, जो सच रहीं।
प्रोफेसर कीरो (Professor cheiro):
कीरो का जन्म नवंबर 1866 में इंग्लैंड में हुआ था। कीरो 17 की उम्र में मुंबई आए और यहां ख्यात ज्योतिषी वेद नारायण जोशी से भेंट करने के बाद उन्होंने ज्योतिष शास्त्र का तीन वर्ष तक व्यापक अध्ययन किया। कीरो ने 1931 में भारत की आजादी के संबंध में भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि दशक के अंत में एक विश्व युद्ध होगा। इंग्लैंड युद्ध के बाद भारत को आजाद कर देगा। हिंदू एवं मुस्लिमों के बीच शताब्दी का भीषण नरसंहार होगा। अमेरिका और जापान के युद्ध के भयंकर और विनाशकारी परिणाम होंगे।
भारतीय ज्योतिषी बेजान दारूवाला ने पूरी दुनिया में अपनी सटीक भविष्यवाणियों की वजह से ख्याति पाई थी। 11 जुलाई, 1931 को जन्मे बेजान दारूवाला ने अंग्रेजी से पीएचडी की थी। उन्होंने अंग्रेजी के प्रोफेसर के तौर पर अहमदाबाद में नौकरी भी की। पारसी होने के बावजूद वह वैदिक ज्योतिष, टैरो रीडिंग, हस्तरेखा विज्ञान और वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी में उन्हें महारत हासिल थी। दारुवाला की दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई और नरेंद्र मोदी की जीत संबंधी भविष्यवाणी बिल्कुल सटीक साबित हुई थी। इनके अलावा, करगिल युद्ध, गुजरात भूकंप, संजय गांधी की मौत, इंदिरा गांधी की हत्या और 2011 विश्व कप के बारे में भी उनकी भविष्यवाणियां बिल्कुल सही साबित हुई थीं।
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