Special Schools Admission: शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विशेष स्कूलों में प्रवेश स्तर तथा कक्षा 1 से 9 और 11 में दाखिले के लिए दिशानिर्देश जारी किये हैं।
Special Schools: विशेष स्कूलों में दाखिले के लिए दिशा-निर्देश जारी, कक्षा एक से नौ और 11 के लिए करें आवेदन
Delhi Special Schools: शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली सरकार के विशेष स्कूलों में प्रवेश स्तर, कक्षा 1-9 और 11 में दाखिले के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। पिछली कक्षा उत्तीर्ण छात्र सीधे कक्षा 6-9 में प्रवेश ले सकते हैं।
कक्षा 6 से 9 तक प्रवेश के लिए नियम
कक्षा 6 में प्रवेश चाहने वाले स्कूल न जाने वाले बच्चों की बुनियादी साक्षरता और अंकगणित कौशल की जांच के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। कक्षा 7 और 8 के लिए आवेदन करने वाले ऐसे विद्यार्थियों, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में अध्ययन नहीं किया है, को उनके अभिभावकों से एक साधारण वचन-पत्र लेकर प्रवेश दिया जा सकता है।
कक्षा 9 में प्रवेश केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगा जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पिछली कक्षा उत्तीर्ण की हो। वैध दस्तावेजों के साथ फीडर स्कूलों से स्थानांतरित होने वाले विद्यार्थियों को आयु मानदंड से छूट दी गई है तथा अभिभावकों के अनुरोध पर स्कूल के प्रमुख छह महीने की छूट दे सकते हैं।
दिशानिर्देशों के अनुसार, सरकारी विशेष स्कूलों में प्रवेश के लिए आयु मानदंड शैक्षणिक वर्ष के 31 मार्च तक कक्षा स्तर पर आधारित है।
प्रवेश स्तर और आयु मानदंड
प्रवेश स्तर की कक्षाओं के लिए आयु सीमा नर्सरी के लिए तीन से सात वर्ष, किंडरगार्टन के लिए चार से आठ वर्ष, कक्षा 1 के लिए पांच से नौ वर्ष, कक्षा 2 के लिए छह से 11 वर्ष, कक्षा 3 के लिए सात से 12 वर्ष, कक्षा 4 के लिए आठ से 13 वर्ष तथा कक्षा 5 के लिए नौ से 14 वर्ष है।
मध्य स्तर के लिए आयु सीमा कक्षा 6 के लिए 10-16 वर्ष, कक्षा 7 के लिए 11-17 वर्ष, कक्षा 8 के लिए 12-18 वर्ष तथा कक्षा 9 के लिए 13-19 वर्ष है।
कक्षा 11 में प्रवेश के लिए आवश्यकताएं
कक्षा 11 में प्रवेश के लिए छात्रों की आयु 15 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए। दिशानिर्देशों में कक्षा स्तर और स्कूल के विवेक के आधार पर कुछ मामलों में छह महीने तक की छूट का भी उल्लेख किया गया है।
शिक्षा निदेशालय ने कहा कि कक्षा 11 में प्रवेश के लिए माध्यमिक विद्यालय परीक्षा (कक्षा 10) उत्तीर्ण करने वाले छात्र पात्र होंगे।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को कौशल रहित मानविकी विषय चुनने के लिए पांच विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे, तथा कौशल युक्त मानविकी विषय चुनने के लिए 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे।
विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए दिशानिर्देश
विकलांग बच्चों के लिए, शिक्षा निदेशालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दृष्टिहीन विद्यार्थियों के स्कूलों में प्रवेश के लिए विकलांगता प्रमाण-पत्र या विशिष्ट विकलांगता पहचान-पत्र (यूडीआईडी) कार्ड की आवश्यकता होती है।
बौद्धिक विकलांगता वाले छात्रों के लिए, प्रवेश केवल उन छात्रों तक सीमित है, जिन्हें IQ स्तर के आधार पर मध्यम से गंभीर विकलांगता के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परिवहन संबंधी बाधाओं के कारण यमुना पार क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रवण बाधित छात्रों के लिए, शिक्षा विभाग ने निर्दिष्ट किया है कि केवल गंभीर से गहन श्रवण हानि (61 डीबी से अधिक) वाले छात्र ही पात्र होंगे, तथा उनके लिए पीटीए (श्रवण परीक्षण) और आईक्यू परीक्षण जैसे अतिरिक्त मूल्यांकन की आवश्यकता होगी।
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