Himachal Govt's: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार 12वीं कक्षा के तुरंत बाद बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड) पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार कर रही है।
CM Sukhu: हिमाचल में शिक्षा की नई उड़ान, 12वीं के बाद बी.एड और एआई कोर्स से बदलेगा भविष्य; पढ़ें पूरी खबर
Himachal: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 12वीं के बाद बी.एड और एआई व डेटा स्टोरेज जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना घोषित की। सरकार ने नशा विरोधी अभियान तेज किया और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण किया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा स्टोरेज कोर्स की शुरुआत
उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के महत्व पर बल दिया और कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा स्टोरेज जैसे कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।
मुख्यमंत्री ने मेधावी कॉलेज छात्राओं के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा की और महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हिमाचल प्रदेश लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाकर 21 वर्ष करने वाला भारत का पहला राज्य है।
नशा मुक्ति अभियान को मिलेगी मजबूती
नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में नशा विरोधी अभियान शुरू किया है और इस बुराई को रोकने के लिए भविष्य में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और राज्य में युवाओं के बीच खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाई है और खिलाड़ियों के लिए डाइट मनी में भी बढ़ोतरी की है।
शिक्षा में बड़ा निवेश
शिक्षा और स्वास्थ्य सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहली बार सरकारी स्कूल के छात्रों को सिंगापुर और कंबोडिया में एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियां सीखने के लिए विदेश भेजा गया।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ढांचे को बढ़ाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित कर रही है, जिसमें पौष्टिक भोजन के साथ-साथ छात्रों की पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालयों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए ढांचागत सुधार भी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में देश में 21वें स्थान पर पहुंच गया था। हालांकि, वर्तमान सरकार के प्रयासों से इसमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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