{"_id":"5c5ffd4abdec22270f4fce02","slug":"do-you-know-about-success-story-of-vijay-shekhar-sharma-who-paytm-s-founder-and-ceo","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बचपन में अंग्रेजी बोलने में थी दिक्कत, आज हैं इस कंपनी के फाउंडर, सुनकर हो जाएंगे हैरान","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
बचपन में अंग्रेजी बोलने में थी दिक्कत, आज हैं इस कंपनी के फाउंडर, सुनकर हो जाएंगे हैरान
Sun, 10 Feb 2019 04:00 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 10 Feb 2019 04:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज के समय में हर कोई पेटीएम का इस्तेमाल करता है। नोटबंदी के बोद से इसका क्रेज अब तक लोगों के अंदर से कम नहीं हुआ है। लेकिन क्या आप उस शख्स को जानते हैं जिसने आपको इतनी बड़ी राहत दी है। कौन हैं Paytm के संस्थापक और कैसे खड़ी कर दी उन्होंने 20 हजार करोड़ की कंपनी, जानिए
vijay shekhar
विजय शेखर शर्मा की जिंदगी कोई परी कथा नहीं है। उन्होंने जिंदगी में जो कुछ हासिल किया, सब अपनी मेहनत और लगन से किया है। करोड़ों की कंपनी उन्हें विरासत में नहीं मिली थी। इस कंपनी का एक-एक पैसा उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है।
यूपी के छोटे से शहर अलीगढ़ से आए विजय को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। शुरुआती पढ़ाई हिन्दी में होने के कारण आगे की पढ़ाई में उन्हें काफी दिक्कते हुईं। मात्र 14 साल में इंटर कर लेने के बाद जब वह दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक करने आए तो पढा़ई में उनका जी ही नहीं लगा। पूरी पढ़ाई का अंग्रेजी में होना उनके लिए एक मुसीबत बन गया।
यूपी के छोटे से शहर अलीगढ़ से आए विजय को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। शुरुआती पढ़ाई हिन्दी में होने के कारण आगे की पढ़ाई में उन्हें काफी दिक्कते हुईं। मात्र 14 साल में इंटर कर लेने के बाद जब वह दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक करने आए तो पढा़ई में उनका जी ही नहीं लगा। पूरी पढ़ाई का अंग्रेजी में होना उनके लिए एक मुसीबत बन गया।
स्कूल में टॉपर से कॉलेज में फिसड्डी हो गए थे विजय। हालात ऐसे भी हुए जब उन्होंने कॉलेज जाना ही छोड़ दिया। लेकिन हार ना मानने के उनकी जिद के आगे अंग्रेजी भी कमजोर पड़ गई। इंग्लिश किताबों और दोस्तों की मदद से विजय फर्राटे से अंग्रेजी बोलने लगे।
पढ़ाई से मन हटा तो बिजनेस में लग गया। वह भी एक दिन बड़ी कंपनी का मालिक बनने के सपने देखने लगे। हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया और याहू के संस्थापक जेरी यांग एवं डेविड फिलो को उन्होंने अपनी आदर्श बनाया।
पढ़ाई से मन हटा तो बिजनेस में लग गया। वह भी एक दिन बड़ी कंपनी का मालिक बनने के सपने देखने लगे। हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया और याहू के संस्थापक जेरी यांग एवं डेविड फिलो को उन्होंने अपनी आदर्श बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विजय ने अपने दोस्तों के साथ कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम बनाने से शुरूआत की। काफी कम लोग जानते हैं कि आज इंडियन एक्सप्रेस जैसे कई बड़े पब्लिकेशन्स उसका इस्तेमाल करते हैं। विजय ने कुछ महीने नौकरी भी की लेकिन कंपनी खोलने के जूनून ने ज्यादा वक्त तक उन्हें टिकने नहीं दिया।नौकरी छोड़ने के बाद विजय ने अपनी एक कंपनी खोली। कामर्स में ज्यादा अनुभव ना होने के कारण कंपनी की हालत एक साल में ही खराब होने लगे। खाने-पीने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे।
हालत तब सुधरने लगी जब उन्होंने One-97 कंपनी खोली। One-97 ने लोगों को कई विकल्प दिए। धीरे-धीरे कंपनी बढ़ने लगी और आज यह Paytm की पेरेंट कंपनी है।
हालत तब सुधरने लगी जब उन्होंने One-97 कंपनी खोली। One-97 ने लोगों को कई विकल्प दिए। धीरे-धीरे कंपनी बढ़ने लगी और आज यह Paytm की पेरेंट कंपनी है।
विज्ञापन
विजय ने Paytm को 2010 में लॉन्च किया। Paytm मतलब पे थ्रू मोबाइल। इसके जरिए शुरुआत में बिल पेमेंट किया जा सकता था। आज यह कंपनी बढ़ कर शॉपिंग और ई-वॉलेट की सुविधा भी अपने ग्राहक को दे रही है।
कमेंट
कमेंट X