{"_id":"5dccd67b8ebc3e5b732fc718","slug":"children-s-day-this-day-was-celebrated-on-20-november-know-the-reason-why","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Children's day: पहले 20 नवंबर को मनाया जाता था ये दिन, बाद में बदल गई तारीख","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
Children's day: पहले 20 नवंबर को मनाया जाता था ये दिन, बाद में बदल गई तारीख
Thu, 14 Nov 2019 03:41 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Thu, 14 Nov 2019 03:41 PM IST
विज्ञापन
childrens day
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
14 नवंबर को यानी आज के दिन बाल दिवस मनाया जाता है। इसी पर गूगल ने एक डूडल भी बनाया है। हमें पता है कि देश के पहले प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर ये दिन मनाते हैं। पर क्या आप ये जानते हैं कि पहले कभी 20 नवंबर को ये दिन मनाया जाता था। आखिर क्या थी वजह, जिस कारण बदलनी पड़ी ये तिथि। पढ़ें आगे...
- बाल दिवस 1925 से मनाया जा रहा है। पर पूरी दुनिया में इसे 1953 में मान्यता मिली।
- उस वक्त 20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बाल दिवस के रूप में घोषित किया गया।
ये भी पढ़ें- Children's Day: इन स्कूलों में बेहद दिलचस्प है पढ़ाई का तरीका, छुट्टियों पर भी पहुंच जाते हैं बच्चे
पहले भारत में भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। पर 27 मई, 1964 को जब जवाहरलाल नेहरू का निधन हुआ तब ये निर्णय लिया गया कि अब नेहरू के जन्मदिवस पर ये बाल दिवस मनाया जाएगा। और इस बात को पूरे देश ने स्वीकारा भी। शिक्षा के क्षेत्र में नेहरू ने अनेकों काम किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
- कुछ देशों में 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता है।
- आज के दिन स्कूलों में अनेक प्रतियोगिताएं और खेलों का आयोजन किया जाता है।
- 14 नवंबर 1889 को जन्में जवाहरलाल नेहरू ने आजादी में एक अहम योग्यदान दिया। महात्मा के संरक्षण में न केवल काम किया बल्कि आखिरी वक्त तक उनका साथ नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
गांधी के आखिरी अनशन के वक्त जवाहरलाल नेहरू देश को प्रधानमंत्री के रूप में संबोधित कर रहे थे। वह अनशन पाकिस्तान को उनका कर देने के लिए रखा गया था जो भारत पर था। उस दौरान नेहरू ने देश को संभालते हुए गांधी जी का न केवल साथ दिया बल्कि अपनी महानता का परचम भी लहराया।
ये भी पढ़ें- IPC और CrPC में क्या है अंतर? प्रतियोगी परीक्षा में आ सकता है सवा
ये भी पढ़ें- IPC और CrPC में क्या है अंतर? प्रतियोगी परीक्षा में आ सकता है सवा
कमेंट
कमेंट X