केंद्र सरकार के लिए कोरोना महामारी के बीच परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अंतिम फैसला लेना फिलहाल, आसान नजर नहीं आ रहा है। कई राज्यों की परीक्षाओं से पहले टीकाकरण की मांग ने नया पेच फंसा दिया है। सरकार की योजना पर कोरोना संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस संबंध में रविवार को हु्ई उच्च स्तरीय मंत्री समूह की बैठक में भी फैसला नहीं हो सका था।
बैठक में विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों, बोर्डों के सचिवों और उच्च शिक्षा एजेंसियों के हितधारकों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद जहां सरकार और सीबीएसई ने परीक्षाओं के आयोजन के संकेत दिए हैं।हालांकि, कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन इस बीच, बैठक के बाद कई राज्यों ने अपनी मंशा खुलकर जाहिर कर दी है। कई राज्यों ने परीक्षाओं के आयोजन को अनुचित बताया तो कई परीक्षाओं के समर्थन में भी थे।
बैठक के दौरान, केंद्र सरकार ने सीबीएसई बोर्ड की पहल के आधार पर कक्षा 12वीं के लिए सिर्फ 19 प्रमुख विषयों परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव राज्यों के सामने रखा था। इस प्रस्ताव का अधिकांश राज्यों ने समर्थन किया है। लेकिन कई राज्यों सरकारों ने केंद्र सरकार से परीक्षा से पहले छात्रों और शिक्षकों को कोरोना का टीका लगाए जाने का अनुरोध किया।
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CBSE
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केंद्र सरकार और राज्य इस बात पर भी सहमत थे कि शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। बैठक में केरल, असम, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा और मेघालय जैसे कई राज्यों ने केंद्र सरकार से कहा कि शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनका टीकाकरण होना जरूरी है।
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा
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संभावित तौर पर कोविड वैक्सीनेशन के बाद युवाओं में कोरोना संक्रमण का खतरा कम रहता है। इसलिए, परीक्षा केंद्र पर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल रहे सूत्रों का कहना है कि झारखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों को छोड़कर अन्य राज्य सरकार के परीक्षाओं संबंधी प्रस्ताव के समर्थन में आ गए हैं।
बैठक में यह भी स्पष्ट हो गया है कि परीक्षाएं रद्द नहीं की जाएंगी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, सिक्किम, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, असम, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु आदि राज्य संक्षिप्त परीक्षा आयोजित करने के समर्थन में हैं। उधर, पंजाब ने खुलकर परीक्षा व्यक्तिगत रूप से आयोजित करने पर जोर दिया।
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कर्नाटक और पुडुचेरी केंद्र सरकार के निर्णय के साथ रहेंगे। तो वहीं, गोवा में 12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर निर्णय 25 मई तक कर लिया जाएगा। जबकि, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने खुलकर परीक्षाओं के आयोजन की जिद को नासमझी बताया है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर केंद्र सरकार से परीक्षाओं के आयोजन से पहले सभी बच्चों और शिक्षकों का कोरोना टीकाकरण कराने को कहा है।
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