बिहार में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों को बिना परीक्षा के ही पास किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर स्कूलों को निर्देश भी दे दिया गया है। विभाग ने वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से शैक्षणिक नुकसान को देखते हुए यह फैसला लिया है।
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विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव का कहना है कि सरकार ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान की भरपाई के लिए तीन महीने तक कक्षाओं की व्यवस्था करने का फैसला लिया है। इन तीन महीनों के दौरान छात्र वर्तमान पाठ्यक्रम के मूलभूत विषयों को सीखेंगे। विषयों की योजना ऐसी बनाई गई है ताकि छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने से पहले उनका बेस मजबूत और स्पष्ट हो जाए।
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विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
गौरतलब है कि स्मार्टफोन और इंटरनेट सुविधाओं की कमी के कारण सूबे के कई छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में तीन महीने की ये कक्षाएं ऐसे छात्रों के पाठ्यक्रम को पूरा करने और समझने के लिए फायदेमंद होंगी। ये कक्षाएं मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह से शुरू हो सकती हैं। इन कक्षाओं की व्यवस्था सूबे के पहली से लेकर आठवीं तक के करीब 1.6 करोड़ छात्रों के लिए की जाएगी।
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विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
बता दें कि सूबे में नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन 26 फरवरी से 3 मार्च तक किया जाना है। इसके लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयार है। नौवीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 4 मार्च, से शुरू होंगी। इस साल नौवीं कक्षा की परीक्षाएं लगभग 13 लाख छात्र देंगे।
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