गोल्डन थ्रेशोल्ड: सरोजिनी नायडू की विरासत होगी सुरक्षित, हैदराबाद यूनिवर्सिटी को मिलीं उनकी यादगार चीजें
हैदराबाद यूनिवर्सिटी को स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सरोजिनी नायडू की कई यादगार चीजें मिली हैं। इन्हें उनके ऐतिहासिक घर ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
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हैदराबाद यूनिवर्सिटी ने सोमवार को बताया कि उसे स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सरोजिनी नायडू की कई यादगार चीजें मिली हैं। इन चीजों को हैदराबाद की ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ नाम की ऐतिहासिक इमारत में रखा गया है। यह इमारत कभी सरोजिनी नायडू का घर हुआ करती थी।
यूनिवर्सिटी ने यहां ‘कवयित्री की विरासत को संजोना - श्रीमती सरोजिनी नायडू की यादगार चीजें सौंपना’ कार्यक्रम आयोजित किया। यूनिवर्सिटी के अनुसार, इन यादगार चीजों को सुरक्षित रखना ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर सरोजिनी नायडू की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
सरोजिनी नायडू की विरासत को सहेजने का सपना हुआ पूरा
विज्ञप्ति में कहा गया, "समारोह के एक अहम पल में, सरोजिनी नायडू की वसीयत और तेलंगाना सरकार का 9 फरवरी, 2026 का आदेश - जिसके तहत ये यादगार चीजें हैदराबाद यूनिवर्सिटी को सौंपी गईं - औपचारिक रूप से वाइस-चांसलर को सौंपे गए।"
इस मौके पर बोलते हुए, UoH की वाइस-चांसलर (प्रभारी) जे. अनुराधा ने 'सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन' में एक छात्रा के तौर पर बिताए अपने दिनों को याद किया, जब यह स्कूल 'गोल्डन थ्रेशोल्ड' से चलता था।
उन्होंने कहा कि तब से ही इस बिल्डिंग को बचाने का सपना था, और जब 2003 में स्कूल यूनिवर्सिटी के मुख्य कैंपस में चला गया, तब से ही इस जगह को फिर से जीवंत होते देखने की इच्छा थी।
सरोजिनी नायडू के दुर्लभ पत्र और सामान मिले
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बहाल की गई ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ इमारत को फिर से सक्रिय करने की दिशा में पहला कदम है। लेखिका और ‘सरोजिनी नायडू ट्रस्ट’ की ट्रस्टी शीला रेड्डी ने बताया कि उन्हें उस्मानिया अस्पताल की एक इमारत में सरोजिनी नायडू के पत्र और निजी सामान मिले थे। इसके बाद उन्होंने सरोजिनी नायडू से जुड़ी कई दुर्लभ चीजें और पत्र इकट्ठा किए।
शीला रेड्डी ने बताया कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू अक्सर ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ आया करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि सरोजिनी नायडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं और देश की आजादी की लड़ाई में उनकी अहम भूमिका थी।
‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ को बचाने वालों का सम्मान
- सम्मान समारोह: ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ को बचाने और उसके नवीनीकरण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
- सम्मानित लोग: इनमें लेखिका और सरोजिनी नायडू ट्रस्ट की ट्रस्टी शीला रेड्डी, ट्रस्टी पापा राव और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एमेरिटस विनोद पवारला शामिल रहे।
- प्रोफेसर पवारला की भूमिका: वह ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ के नवीनीकरण की देखरेख करने वाली समिति के पहले अध्यक्ष भी रहे हैं।
- गाइडेड टूर: कार्यक्रम के बाद मेहमानों के लिए नवीनीकृत ‘गोल्डन थ्रेशोल्ड’ का गाइडेड टूर आयोजित किया गया।
- कलाकृतियों की जानकारी: इस दौरान मेहमानों ने वहां सुरक्षित रखी गई सरोजिनी नायडू की कलाकृतियां और यादगार चीजें देखीं और यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए नवीनीकरण के कामों की जानकारी ली।
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