यमुना में प्रदूषित पानी गिरने की वजह से मंगलवार को आईटीओ के पास जहरीले झाग दिखाई दिए। यह सफेद जहरीले झाग यमुना की सतह पर तैर रहे थे। वहीं इस झाग को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गंभीर नजर आ रहे। दिल्ली सरकार ने नौ बिंदु वाला एक्शन प्लान तैयार किया। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से प्लान की मंजूरी भी मिल गई।
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यमुना में झाग
- फोटो : ANI
मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्लान को दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली विकास प्राधिकरण व निगम द्वारा क्रियान्वयन किया जाना है। प्लान के अनुसार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी द्वारा तय किए गए मानक के अनुसार नजफगढ़ और हिंडन नाले से गिरने वाले पानी को शोधित करने के लिए कहा।
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यमुना में झाग
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दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा व यूपी से गिरने वाले गंदे पानी की वजह से यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़ती है और पीने का पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को आगामी 31 मार्च तक ओखला बैराज के पास से पानी में जमा काई को हटाने के लिए भी कहा गया है। काई की वजह से फास्फेट की मात्रा बढ़ती है। इससे यमुना में झाग भी बनता है।
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यमुना में झाग
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वहीं, दिल्ली जल बोर्ड, डीडीए, निगम और पीडब्ल्यूडी नालों में गंदगी फेंकने के लिए 50 हजार तक का चालान भी करेगी। प्लान के मुताबिक, आगामी 31 मार्च तक डीडीए को यमुना किनारे बसे धोबी घाट समेत अन्य अतिक्रमण को भी हटाया जाने का प्रावधान किया गया है। प्लान के मुताबिक यमुना में सफेद झाग फास्फेट और अन्य सर्फेक्टेंट की अधिक मात्रा में होने की वजह से उत्पन्न होते हैं।