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टूलकिट केस में कनाडा की महिला अनीता लाल का नाम भी आया सामने, दुनियाभर में भेजा जाने वाला था टूलकिट

Wed, 17 Feb 2021 08:56 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 17 Feb 2021 08:56 AM IST
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toolkit case canada woman and poetic justice foundation co founder anita lal name also came in probe to send toolkit worlwide was decided in zoom meeting
toolkit case protest - फोटो : पीटीआई

गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से पहले 11 जनवरी को हुई जूम बैठक में यह तय हुआ था कि किसान आंदोलन को लेकर तैयार की गई टूलकिट को विश्व स्तर पर भेजा जाएगा। वहीं इस मामले में अब कनाडा की महिला यानी  पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएसजे) की सह संस्थापक अनीता लाल का भी नाम सामने आया है। आगे जानिए दिशा रवि ने अब तक की पूछताछ में क्या-क्या बताया और अनीता लाल इस मामले से कैसे जुड़ी हैं।

toolkit case canada woman and poetic justice foundation co founder anita lal name also came in probe to send toolkit worlwide was decided in zoom meeting
disha ravi - फोटो : सोशल मीडिया

मामले में गिरफ्तार दिशा रवि ने पूछताछ में बताया कि टूलकिट बनाने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने के लिए इंटरनेशनल फार्मर्स स्ट्राइक नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में 67 नामी लोग शामिल थे, जिनमें कई विदेशी थे। इसी ग्रुप पर टूलकिट का मसौदा तैयार हुआ था। इसके बाद जूम बैठक में ग्रुप के लोगों से कहा गया कि वे अपने जानने वाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को ये टूलकिट भेजेंगे, ताकि दुनिया को भारत में किसानों पर हो रही कथित ज्यादती का पता चल सके।

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toolkit case protest - फोटो : पीटीआई

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम को पत्र लिखकर बैठक में शामिल लोगों की जानकारी मुहैया कराने को कहा है। इसके अलावा व्हाट्सएप से छह दिसंबर को दिशा रवि द्वारा बनाए ग्रुप की जानकारी भी मांगी है। मुंबई की वकील और पर्यावरण कार्यकर्ता निकिता जैकब ने सोमवार को स्वीकार किया था कि गणतंत्र दिवस से पहले जूम बैठक हुई थी, जिसमें पीएसजे के संस्थापक एमओ धालीवाल, दिशा रवि समेत 70 लोगों ने हिस्सा लिया था। 

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toolkit case protest - फोटो : पीटीआई

कनाडा की महिला अनिता लाल का नाम भी आया सामने
इस बीच, मामले में पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएसजे) की सह संस्थापक और वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन की संस्थापक अनीता लाल का नाम सामने आया है। जांच में पता चला है कि टूलकिट बनाने में अनीता भी शामिल है। स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने जब टूलकिट को ट्वीट किया तो दिशा ने यूएपीए के डर से आनन फानन ट्वीट डिलीट करा दिया। व्हाट्सएप ग्रुप को भी डिलीट कर दिया गया। हालांकि, तब तक सुरक्षा एजेंसियों को इन लोगों के डिजिटल फुटप्रिंट हाथ लग चुके थे। मंगलवार को पुलिस की टीमों ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक की तलाश में छापामारी जारी रखी।

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greta thunberg and disha ravi - फोटो : अमर उजाला

दिशा और ग्रेटा की व्हाट्सएप चैट मिली 
दिशा रवि और ग्रेटा थनबर्ग की एक व्हाट्सएप चैट पुलिस के हाथ लगी है। पर्यावरण कार्यकर्ता होने के नाते दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दिशा ने बिना एडिट की हुई टूलकिट ग्रेटा को भेजी। इस गूगल टूलकिट में उसे बनाने वालों के नाम थे। ग्रेटा के ट्वीट करते ही दिशा के होश उड़ गए। उसने चैट कर ग्रेटा से तुरंत ट्वीट को डिलीट करने के लिए कहा और अपने वकील से बात की।

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