मौसम बदलने के साथ अब उत्तर भारत में जल रही पराली का असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर पड़ने लगा है। यही वजह है कि वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। हालांकि, प्रदूषण में अभी इसकी हिस्सेदारी कम दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटे में पराली के धुएं का प्रभाव तीन फीसदी से कम दर्ज किया गया है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि आगामी दिनों में पराली जलने से वायु गुणवत्ता को बिगाड़ने में अधिक हिस्सेदारी दर्ज की जा सकती है।
Delhi: पराली जलने से बढ़ने लगा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण, फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा रही सबसे खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार को फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा 258 एक्यूआई के साथ सबसे खराब रही। वहीं, दिल्ली का एक्यूआई 241 रहा, जबकि एक दिन पहले यह 237 रिकॉर्ड किया गया था। केंद्र की संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 47 फीसदी हिस्सेदारी रही है। पीएम 10 का स्तर 216 व पीएम 2.5 का स्तर 99 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा।
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में हवा की रफ्तार आठ से 10 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, मंगलवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम व पश्चिम की ओर रही है। वहीं, अगले दो दिनों में हवा की दिशा बदलकर दक्षिण-पूर्वी होने की संभावना है। हालांकि, हवा की दिशा बदलने के बाद भी वायु गुणवत्ता में बदलाव नहीं होगा व यह खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी।
आईआईटीएम के मुताबिक, मंगलवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 2100 मीटर रहा, जबकि अगले 24 घंटे में यह घटकर 1500 मीटर रह सकता है। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स का स्तर छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा, जो कि बुधवार को घटकर 2700 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। बता दें कि वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से कम व हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम होने पर प्रदूषकों को बढ़ने में मदद मिलती है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
दिल्ली- 241
फरीदाबाद- 258
गाजियाबाद- 254
ग्रेटर नोएडा- 216
गुरुग्राम- 258
नोएडा- 242