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Terrorist Mohammad Ashraf: नाम लेने के बजाय अशरफ को भाईजान कहता था हैंडलर, ई-मेल को लेकर सामने आया चौंकाने वाला सच, अधिकारी हैरान

Wed, 13 Oct 2021 10:51 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 13 Oct 2021 10:51 AM IST
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Mohammad Ashraf used to talk to Pakistan handler through e-mail
आतंकी मोहम्मद अशरफ - फोटो : पीटीआई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के लक्ष्मी नगर से सोमवार रात को पाकिस्तान आतंकी को गिरफ्तार कर देश में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है।  गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर दिल्ली समेत देश के कई शहरों में त्योहारी सीजन में आतंकी हमला करना चाहता था। ये यहां स्लीपर सेल का मुखिया बना हुआ था। आतंकी करीब 17 वर्ष से फर्जी आईडी से भारत में रह रहा था। ये जम्मू कश्मीर समेत देश में पिछले दिनों हुए आतंकी हमले में शामिल रहा है। आतंकी ने पाकिस्तान में छह महीने की आतंकी ट्रेनिंग ली थी। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की निगरानी में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि स्पेशल सेल को करीब दो महीने पहले एक पाकिस्तानी नागरिक के नेतृत्व में एक सक्रिय स्लीपर सेल के बारे में जानकारी मिली थी। 

 
Mohammad Ashraf used to talk to Pakistan handler through e-mail
संदिग्ध आतंकी - फोटो : अमर उजाला
जांच में पता लगा कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पाकिस्तानी नागरिक को भारत में आतंकी हमले करने के निर्देश दिए हैं। ये भी जानकारी मिली कि ये पाकिस्तान आतंकी हथियार व विस्फोटक लेने की तैयारी में है। आतंकी की पहचान मोहम्मद अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी(46) के रूप में हुई।




 
Mohammad Ashraf used to talk to Pakistan handler through e-mail
DCP Special Cell Pramod Kushwaha - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे लोकेशन भेजी थी
आतंकी मोहमद अशरफ को उसके पाकिस्तान हैंडलर नासिर ने उसके मोबाइल पर उस जगह की लोकेशन भेजी थी जहां कालिंदी कुंज घाट में हथियार छिपाए थे। इस जगह पर एक छोटा सा पिलर भी है। उसे पिलर की भी फोटो भेजी थी। उसे व्हाट्सएप पर कहा गया था कि भाईजान सामान की डिलीवरी लेने जाना है। स्पेशल सेल ने मोहम्मद अशरफ की निशानदेही पर कालिंदी कुंज यमुना घाट से हथियार व विस्फोटक बरामद कर लिए। यहां पर हथियार पत्थरों के नीचे जमीन में दबाकर छिपाए गए थे।

 
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Mohammad Ashraf used to talk to Pakistan handler through e-mail
आतंकी मोहम्मद अशरफ - फोटो : पीटीआई
हैंडलर अशरफ को भाईजान बोलता था
हैंडलर नासिर जब भी मोहम्मद अशरफ से बात करता था तो वह उसका नाम नहीं लेता था, बल्कि उसे भाईजान बोलता था। हैंडलर ने जब हथियार लाने के लिए कहा तो उसे व्हाट्सएप पर लिखा था कि भाईजान सामान की डिलीवरी लेने जाना है। मोहम्मद अशरफ दो मोबाइल फोन रखता था। पुलिस ने इसके कब्जे से दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। उसे हथियारों की डिलीवरी लाने के लिए हैंडलर दो दिन से फोन कर रहा था।

 
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Mohammad Ashraf used to talk to Pakistan handler through e-mail
आतंकी मोहम्मद अशरफ - फोटो : पीटीआई
जम्मू कश्मीर 30 से ज्यादा बार जा चुका है
मोहम्मद अशरफ को हैंडलर उसके काम के हिसाब से पैसा देता था। वह भारत से जब भी कोई सूचना भेजता था तभी इसे पैसे मिलते थे। जम्मू कश्मीर जाने के लिए उसे ज्यादा पैसे मिलते थे। वह हैंडलर के कहने पर ही जम्मू कश्मीर जाता था और वहां से सूचनाएं हैंडलर को भेजता था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि ये 30 बार से ज्यादा जम्मू कश्मीर जा चुका है।

 
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